मुजफ्फरपुर: औराई में अवैध खनन के गड्ढे में डूबने से दो किशोरों की मौत, एक गंभीर
मुजफ्फरपुर जिले के औराई थाना क्षेत्र में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहां अवैध खनन से बने एक गहरे गड्ढे में डूबने से दो किशोरों की मौत हो गई। इस हादसे में एक अन्य किशोर गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसका इलाज मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एसकेएमसीएच) में चल रहा है। यह दुखद घटना रविवार को जनार पंचायत के बेदौल गांव स्थित कोन्हा टोला में हुई।
मृतकों की पहचान बेदौल कोन्हा टोला निवासी रविंद्र राय के 12 वर्षीय पुत्र विकास कुमार और सुरेंद्र राय के लगभग नौ वर्षीय पुत्र सत्यम कुमार के रूप में हुई है। वहीं, देवेंद्र राय के 13 वर्षीय पुत्र रामानंद राय का एसकेएमसीएच में उपचार जारी है, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
कैसे हुई घटना?
ग्रामीणों के अनुसार, यह घटना रविवार दोपहर करीब 12 बजे के बाद घटी। छुट्टी का दिन होने के कारण तीनों बच्चे अपने परिजनों की नजर बचाकर गांव से लगभग 500 मीटर दूर स्थित एक गड्ढे में नहाने चले गए थे। खेत में काम कर रहे कुछ लोगों ने बच्चों को गड्ढे में डूबते देखा और तुरंत शोर मचाया। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे और तीनों बच्चों को गड्ढे से बाहर निकाला। उन्हें बिना देर किए परिजनों के साथ एसकेएमसीएच ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने विकास और सत्यम को मृत घोषित कर दिया। रामानंद का जीवन बचाने के लिए डॉक्टरों की टीम लगातार प्रयास कर रही है।
अवैध खनन पर उठे सवाल
जनार पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि रजनीश कुमार ने बताया कि बच्चे खेलते हुए गड्ढे में नहाने गए थे और गहरे पानी में चले जाने के कारण एक-एक कर डूब गए। इस घटना के बाद पंचायत की मुखिया संगीता कुमारी ने अवैध खनन को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पितौझिया सीमा क्षेत्र में एक चिमनी संचालक द्वारा सरकारी परती जमीन पर अनियमित तरीके से अवैध खनन किया गया है। इस अवैध खनन के कारण लगभग 15 से 20 फीट गहरा गड्ढा बन गया था, जिसमें बारिश का पानी जमा हो गया था।
मुखिया ने यह भी जानकारी दी कि ग्रामीणों के अनुसार, जिस जमीन पर खनन हुआ, उस पर गांव के ही एक व्यक्ति का कब्जा था, जिसने मिट्टी खनन के लिए चिमनी संचालक को जमीन दी थी। संगीता कुमारी ने प्रशासन से इस पूरे मामले की गहन जांच करने, अवैध खनन में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और ऐसे खतरनाक गहरे गड्ढों को तुरंत सुरक्षित करने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इस घटना ने एक बार फिर अवैध खनन के गंभीर परिणामों और प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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