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मुजफ्फरपुर के पताही एयरपोर्ट से जल्द शुरू होंगी छोटी विमान सेवाएं, टर्मिनल भवन का निर्माण कार्य शुरू

मुजफ्फरपुर के पताही हवाई अड्डे से क्षेत्रीय हवाई संपर्क को बढ़ावा देने के लिए छोटी विमान सेवाओं का मार्ग प्रशस्त हो गया है। केंद्र सरकार की ‘उड़ान’ योजना के तहत इस हवाई अड्डे को विकसित किया जा रहा है, और अब टर्मिनल भवन तथा चहारदीवारी का निर्माण कार्य विधिवत शुरू हो चुका है। यह कदम मुजफ्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों के लिए हवाई यात्रा को सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।

कानपुर की एक निर्माण एजेंसी ने टर्मिनल भवन के लिए पाइलिंग का काम शुरू कर दिया है, जिसमें गड्ढे खोदकर पिलर बनाने का कार्य तेजी से चल रहा है। निर्माण सामग्री, जैसे सासाराम से मंगाई गई छाई, बालू और गिट्टी का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित कर लिया गया है, जिससे काम में कोई बाधा न आए। इसके साथ ही, हवाई अड्डे के रनवे की मरम्मत का कार्य भी प्रगति पर है, जो जल्द ही पूरा होने की उम्मीद है।

परियोजना का पहला चरण और सुविधाएं

इस परियोजना के पहले चरण में लगभग 40 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। इस राशि से कई महत्वपूर्ण संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा, जिनमें शामिल हैं:

  • टैक्सी वे और पार्किंग वे
  • आधुनिक एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) टावर
  • ऑपरेशन भवन
  • फायर स्टेशन
  • अन्य आवश्यक संरचनाएं

इसके अतिरिक्त, यात्रियों की सुविधा के लिए आधुनिक प्री-फैब्रिकेटेड स्टील स्ट्रक्चर टर्मिनल भवन का निर्माण किया जा रहा है, जो हवाई अड्डे को एक समकालीन रूप देगा। भविष्य में यहां एक प्रशिक्षण उड्डयन केंद्र भी खोलने की योजना है, जिससे स्थानीय युवाओं को विमानन क्षेत्र में करियर बनाने का अवसर मिल सके।

रनवे का विस्तार और विमान क्षमता

वर्तमान में पताही हवाई अड्डे के रनवे की लंबाई 1050 मीटर है। इसे लगभग 150 मीटर बढ़ाकर 1200 मीटर करने की संभावना है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) की टीम ने हाल ही में सर्वेक्षण कर इसका नक्शा तैयार किया था, जिसमें बताया गया है कि 19 सीटर विमान सेवा शुरू करने के लिए यह विस्तारित रनवे पर्याप्त होगा। अच्छी बात यह है कि इस विस्तार के लिए अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि हवाई अड्डा परिसर वर्तमान में 106 एकड़ भूमि पर स्थित है। रनवे, टैक्सी-वे, एप्रन और अन्य एयरसाइड निर्माण कार्यों पर लगभग 43 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

निर्माण कार्य स्थल पर बाहरी लोगों के प्रवेश को रोकने के लिए चारों ओर से घेराबंदी कर दी गई है, और संबंधित पुलिस थानों को सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह परियोजना मुजफ्फरपुर को देश के हवाई मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाएगी और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।


अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।

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