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किसलय अपहरण कांड: मुजफ्फरपुर पुलिस की गिरफ्त में दो हिस्ट्रीशीटर, अनहोनी की आशंका से परिजन चिंतित

मुजफ्फरपुर: अहियापुर के बजरंग बिहार कॉलोनी से लापता हुए किसलय अपहरण कांड में पुलिस ने दो कुख्यात अपराधियों को हिरासत में लिया है। इन दोनों से गहन पूछताछ की जा रही है, जिससे इस रहस्यमय मामले की गुत्थी सुलझने की उम्मीद है। परिजनों को किसलय के साथ किसी अनहोनी की आशंका सता रही है, हालांकि पुलिस अभी तक किसी भी आधिकारिक पुष्टि से बच रही है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, हिरासत में लिए गए दो शातिरों में से एक पारू थाना के छाप निवासी अनुकूल सिंह है, जो इस अपहरण का नामजद आरोपी है। दूसरा आरोपी गन्नीपुर निवासी है और उसे हथियारों का एक बड़ा सप्लायर बताया जा रहा है। पुलिस दोनों से किसलय के ठिकाने और अपहरण के पीछे के मकसद को लेकर लगातार पूछताछ कर रही है।

मामले का विस्तृत ब्यौरा

किसलय की मां कुमारी नीतू, जो कलेक्ट्रेट में प्रधान सहायक के पद पर कार्यरत हैं, ने अहियापुर थाने में अपहरण का मामला दर्ज कराया था। उन्होंने पुलिस को बताया कि 5 सितंबर को अनुकूल ने किसलय को फोन करके बुलाया था। किसलय अपनी बाइक से घर से निकला था, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटा।

जब नीतू देवी अनुकूल की पताही स्थित सीमेंट-बालू की दुकान पर पूछताछ करने गईं, तो अनुकूल ने बताया कि 6 सितंबर की सुबह 4 बजे तक किसलय उसके साथ था, जिसके बाद वह कहां गया, इसकी उसे जानकारी नहीं है। खोजबीन के दौरान नीतू को यह भी पता चला कि गन्नीपुर स्थित शंकर लॉज में किसलय का विवाद कुख्यात गैंगस्टर सुमन श्रीवास्तव और पवन श्रीवास्तव से हुआ था। इस घटना के बाद से ही किसलय लापता है। उसकी बाइक का भी अब तक कोई सुराग नहीं मिला है।

एसआईटी का गठन और जांच

इस गंभीर मामले की जांच के लिए एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। एसआईटी के अधिकारी हिरासत में लिए गए दोनों हिस्ट्रीशीटरों से लगातार पूछताछ कर रहे हैं ताकि कोई ठोस सुराग मिल सके। पुलिस को उम्मीद है कि इन दोनों से पूछताछ में किसलय के अपहरण की गुत्थी सुलझ सकती है और उसकी बाइक का भी पता चल सकता है। हिरासत में लिए गए एक आरोपी का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है और वह हथियार आपूर्ति नेटवर्क से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।

किसलय के लापता होने से उसके परिवार में गहरा सदमा है। वे हर पल उसके सकुशल वापसी की उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन लगातार समय बीतने के साथ उनकी चिंता बढ़ती जा रही है। पुलिस का कहना है कि जब तक अपराधियों से पूछताछ में कोई पुख्ता सबूत नहीं मिल जाते, तब तक वे किसी भी अनहोनी की आधिकारिक पुष्टि नहीं करेंगे।


अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।

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