पटना में सेहत से खिलवाड़: कंकड़बाग के नामी रेस्टोरेंट और मिठाई दुकानों पर छापेमारी, नकली पनीर और मिलावटी सामान का जखीरा बरामद
पटना में नकली पनीर और मिलावटी मिठाइयों का भंडाफोड़
राजधानी पटना के कंकड़बाग इलाके में खाद्य सुरक्षा विभाग की एक बड़ी कार्रवाई ने शहरवासियों की चिंता बढ़ा दी है। इलाके के कई नामी रेस्टोरेंट और मिठाई दुकानों के कारखानों में छापेमारी के दौरान नकली पनीर, खराब हो चुके मेवे और अस्वच्छ तरीके से बनाई जा रही मिठाइयों का खुलासा हुआ है। यह कार्रवाई जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी मुकेश कश्यप के नेतृत्व में की गई, जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
छापेमारी में क्या मिला?
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कॉलोनी मोड़ स्थित ‘सेवन स्टोरीज’ रेस्टोरेंट से शुरुआत की। यहाँ से नकली पनीर के साथ-साथ संदिग्ध गुणवत्ता वाले हल्दी, धनिया पाउडर और काली मिर्च बरामद की गई। इसके बाद टीम ने शालीमार, चिनार, निवेलटी और मोतीचूर लड्डू मिष्ठान भंडार समेत पांच प्रमुख मिठाई दुकानों के कारखानों को खंगाला। जांच में पाया गया कि:
- चिनार और निवेलटी जैसी दुकानों में रखे काजू से दुर्गंध आ रही थी और वे पूरी तरह खराब हो चुके थे।
- शालीमार और मोतीचूर के कारखानों में गुलाब जामुन और रसगुल्ला बेहद गंदगी के बीच तैयार किए जा रहे थे।
- इन सभी प्रतिष्ठानों में हाइजीन के मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही थीं।
सेहत के लिए कितना खतरनाक?
चिकित्सकों का कहना है कि सिंथेटिक और केमिकल युक्त पनीर का सेवन शरीर के लिए जहर के समान है। विशेषज्ञ डॉक्टरों के अनुसार, मिलावटी पनीर और दूषित मिठाइयों के सेवन से आंतों में गंभीर संक्रमण हो सकता है। लंबे समय तक ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करने से लीवर और किडनी डैमेज होने का खतरा भी बना रहता है। विशेष रूप से बरसात के मौसम में ये मिलावटी उत्पाद और भी घातक हो जाते हैं।
आगे की कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग ने सभी संबंधित प्रतिष्ठानों को 14 दिनों का नोटिस जारी किया है और मिठाई निर्माण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। जब्त किए गए नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। विभाग के अनुसार, अभी दो दर्जन से अधिक रेस्टोरेंट और मिठाई भंडार रडार पर हैं। यदि इन संस्थानों की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पटना के लोगों को सलाह दी गई है कि वे बाहर के खाद्य पदार्थों के सेवन में सावधानी बरतें।
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