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मुजफ्फरपुर-मोतिहारी रेलखंड पर सुरक्षा का विशेष ऑडिट: कपरपुरा समेत 5 स्टेशनों पर ट्रेन परिचालन की गहन जांच

मुजफ्फरपुर: पूर्व मध्य रेलवे ने ट्रेन परिचालन की सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए एक विशेष आंतरिक सुरक्षा ऑडिट अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत मुजफ्फरपुर-मोतिहारी रेलखंड पर स्थित कपरपुरा स्टेशन सहित कुल पांच प्रमुख स्टेशनों पर गहन सुरक्षा जांच की गई। इस ऑडिट का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा से जुड़े सभी निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का सही ढंग से पालन किया जा रहा है और तकनीकी व्यवस्था में कोई कमी न रहे।

रेलवे मुख्यालय के निर्देश पर अगस्त माह में विभिन्न मंडलों के चयनित स्टेशनों पर यह सुरक्षा ऑडिट आयोजित किया जा रहा है। कपरपुरा स्टेशन पर अधिकारियों की एक टीम ने सिग्नलिंग सिस्टम, परिचालन नियमों के अनुपालन और सुरक्षा से संबंधित तकनीकी दस्तावेजों की बिंदुवार जांच की। इसके अतिरिक्त, स्टेशन पर उपलब्ध सुरक्षा इंतजामों का भी बारीकी से जायजा लिया गया। टीम ने सिग्नलिंग व्यवस्था के साथ-साथ रख-रखाव से जुड़े दस्तावेज, तकनीकी रिकॉर्ड और परिचालन से संबंधित अभिलेखों की भी जांच की।

ऑडिट के दौरान यदि किसी भी तकनीकी व्यवस्था में कोई कमी पाई गई, तो उसे तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्टेशन पर मौजूद सुरक्षा इंतजामों को दुरुस्त रखने और परिचालन के दौरान निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन करने पर विशेष जोर दिया।

इन स्टेशनों पर भी हुई गहन जांच

समस्तीपुर मंडल के कपरपुरा के अलावा, पूर्व मध्य रेलवे के अलग-अलग मंडलों के चार अन्य स्टेशनों को भी इस विशेष सुरक्षा ऑडिट के लिए चिह्नित किया गया था। इनमें दानापुर मंडल का पटना जंक्शन, डीडीयू मंडल का डीडीयू जंक्शन आरआरआइ, धनबाद मंडल का मेसरा और सोनपुर मंडल का बरागोपाल स्टेशन शामिल हैं। इन सभी स्टेशनों पर भी सिग्नलिंग, ट्रेन परिचालन और सुरक्षा मानकों से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जांच की जा रही है।

कपरपुरा में सुरक्षा ऑडिट के दौरान सेफ्टी ऑफिसर चंद्रशेखर कुमार के साथ सिग्नल एवं टेलीकम्युनिकेशन (एसएंडटी) और ट्रैफिक विभाग के वरीय अधिकारी मौजूद रहे। टीम ने सुरक्षा से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की जांच करने के साथ-साथ संबंधित कर्मियों से भी आवश्यक जानकारी ली।

रेलवे प्रशासन का कहना है कि ट्रेन परिचालन में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर स्टेशनों और परिचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं का आंतरिक सुरक्षा ऑडिट किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य संभावित तकनीकी खामियों और प्रक्रियागत कमियों की पहचान कर उन्हें समय रहते दूर करना है, ताकि ट्रेनों का परिचालन सुरक्षित और सुचारु तरीके से जारी रह सके। यह पहल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और रेल यात्रा को अधिक विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।

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