127 साल का हुआ मुजफ्फरपुर का एलएस कॉलेज: शिक्षा की विरासत और भविष्य की नई राहों का संगम
मुजफ्फरपुर की शैक्षणिक धड़कन: एलएस कॉलेज ने पूरे किए 127 गौरवशाली वर्ष
मुजफ्फरपुर के प्रतिष्ठित लंगट सिंह (एलएस) कॉलेज ने अपनी स्थापना के 127 वर्ष पूरे कर लिए हैं। शुक्रवार को आयोजित स्थापना दिवस समारोह में न केवल संस्थान के स्वर्णिम इतिहास को याद किया गया, बल्कि भविष्य की चुनौतियों और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन पर भी मंथन हुआ। कॉलेज के आचार्य जे.बी. कृपलानी सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षाविदों, विश्वविद्यालय के अधिकारियों और छात्रों ने बड़ी संख्या में शिरकत की।
शिक्षा और संस्कृति का अनूठा मेल
समारोह का मुख्य आकर्षण ‘बिहार में शैक्षणिक और सामाजिक विकास को गति प्रदान करने में राष्ट्रीय शिक्षा नीति की भूमिका’ विषय पर आयोजित संगोष्ठी रही। मुख्य अतिथि के रूप में शामिल उच्च शिक्षा निदेशक प्रो. एन.के. अग्रवाल ने कहा कि एलएस कॉलेज जैसे ऐतिहासिक संस्थानों की जिम्मेदारी अब और बढ़ गई है। उन्होंने जोर दिया कि बदलते दौर में शोध, नवाचार और कौशल आधारित शिक्षा ही छात्रों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगी।
बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दिनेश चंद्र राय ने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि एलएस कॉलेज की विरासत परंपरा और आधुनिकता का एक सेतु है। उन्होंने नई पीढ़ी से आह्वान किया कि वे इस संस्थान के गौरव को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए संकल्पित हों।
इतिहास के पन्नों में दर्ज है एलएस कॉलेज
एलएस कॉलेज का इतिहास केवल एक शिक्षण संस्थान का इतिहास नहीं है, बल्कि यह देश के निर्माण की गाथा है। इस कॉलेज से डॉ. राजेंद्र प्रसाद, जे.बी. कृपलानी, राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ और डॉ. जगन्नाथ मिश्र जैसी महान हस्तियां जुड़ी रही हैं। इन दिग्गजों ने न केवल यहां से शिक्षा प्राप्त की, बल्कि देश की सामाजिक और राजनीतिक दिशा तय करने में भी बड़ी भूमिका निभाई।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी सांस्कृतिक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। रंगारंग प्रस्तुतियों ने कॉलेज की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा की झलक पेश की। कॉलेज की प्राचार्य प्रो. कनुप्रिया ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि 127 वर्षों का यह सफर एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। उन्होंने विश्वास जताया कि कॉलेज शोध और सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में अपनी उत्कृष्टता की परंपरा को भविष्य में भी बरकरार रखेगा। समारोह में कुलसचिव प्रो. समीर कुमार शर्मा सहित कई गणमान्य शिक्षक और पूर्ववर्ती छात्र उपस्थित रहे।
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