मुजफ्फरपुर: नए डिग्री कॉलेजों में दाखिले का संकट, बुनियादी सुविधाओं के बिना छात्र परेशान
दाखिले की राह में बुनियादी सुविधाओं का रोड़ा
मुजफ्फरपुर में बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के अंतर्गत खुले 39 नए राजकीय डिग्री कॉलेजों में स्नातक सत्र के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू तो हो गई है, लेकिन छात्रों के लिए यह किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। विश्वविद्यालय ने इन कॉलेजों में विद्यार्थियों को सीटें आवंटित कर दी हैं, मगर धरातल पर स्थिति काफी चिंताजनक बनी हुई है। अधिकांश कॉलेजों में न तो पर्याप्त संसाधन हैं और न ही प्रशासनिक व्यवस्थाएं पूरी हो पाई हैं।
बैंक खातों से लेकर कर्मचारियों तक का अभाव
इन नवस्थापित शिक्षण संस्थानों की बदहाली का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई कॉलेजों के पास अब तक अपना बैंक खाता तक नहीं है। इसके अलावा, शिक्षकेतर कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया भी अधर में लटकी हुई है। विश्वविद्यालय ने केवल प्रभारी प्राचार्य और बर्सर की तैनाती की है, जबकि शिक्षकों और अन्य जरूरी स्टाफ की भारी कमी है। कई कॉलेज अभी भी स्कूल भवनों से संचालित हो रहे हैं, जहां नामांकन के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा विकसित नहीं हो सका है।
छात्रों की बढ़ती परेशानी
विश्वविद्यालय ने इतिहास, हिंदी और राजनीति विज्ञान जैसे विषयों में 90 से 100 तक विद्यार्थियों को इन कॉलेजों में आवंटित किया है। मेरिट सूची आने के बाद जब छात्र अपने आवंटित कॉलेज पहुंचे, तो वहां नामांकन की कोई स्पष्ट व्यवस्था न पाकर उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा। स्थिति को संभालने के लिए कुछ प्राचार्यों ने व्हाट्सएप ग्रुप बनाए हैं, ताकि छात्रों को नामांकन की प्रक्रिया और भविष्य की व्यवस्थाओं के बारे में अपडेट दिया जा सके।
खरीद प्रक्रिया में देरी
कॉलेजों में फर्नीचर, कंप्यूटर और अन्य जरूरी उपकरणों की खरीद जिला प्रशासन की क्रय समिति के माध्यम से होनी है। जिलाधिकारियों के सख्त निर्देशों के कारण, खरीदारी की यह प्रक्रिया अभी शुरुआती दौर में है। इस वजह से कॉलेजों में संसाधन जुटाने में समय लग रहा है।
समय सीमा पर सवाल
विश्वविद्यालय ने प्रथम चयन सूची के आधार पर नामांकन पूरा करने के लिए 20 जून की समय सीमा तय की है। हालांकि, मौजूदा अव्यवस्थाओं को देखते हुए यह लक्ष्य पूरा करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। औराई जैसे कॉलेजों में छात्रों को सोमवार को बुलाकर दिशा-निर्देश देने की तैयारी है, वहीं एमडीडीएम कॉलेज में भी अंतिम सूची के अभाव में प्रक्रिया रुकी हुई है। छात्रों को अब उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही इन समस्याओं का समाधान करेगा ताकि उनका शैक्षणिक सत्र समय पर शुरू हो सके।
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