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मुजफ्फरपुर: असिस्टेंट प्रोफेसरों के संदिग्ध सर्टिफिकेट पर एक्शन, 15 दिन में रिपोर्ट तलब; वोकेशनल कोर्स में नामांकन शुरू

असिस्टेंट प्रोफेसरों के दस्तावेजों की होगी गहन जांच

बीआरए बिहार विश्वविद्यालय (BRABU) में असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति से जुड़े प्रमाण-पत्रों की जांच प्रक्रिया अब तेज कर दी गई है। राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग द्वारा चयनित शिक्षकों के दस्तावेजों में कथित अनियमितताओं और फर्जी अनुभव प्रमाण-पत्रों के आरोपों के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रमंडलीय आयुक्त के सचिव ने विश्वविद्यालय प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अगले 15 दिनों के भीतर सभी संदिग्ध प्रमाण-पत्रों की जांच पूरी कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपी जाए।

यह कदम एक अभ्यर्थी द्वारा की गई शिकायत के बाद उठाया गया है। शिकायत में विश्वविद्यालय के भीतर एक संगठित रैकेट के सक्रिय होने का दावा किया गया है, जो कथित तौर पर अपात्र लोगों को बचाने और फर्जी अनुभव प्रमाण-पत्र तैयार करने का काम कर रहा है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के उस हालिया उदाहरण का भी हवाला दिया गया है, जहां एक संबद्ध कॉलेज से जारी अवैध अनुभव प्रमाण-पत्र के आधार पर नियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसर की सेवा समाप्त कर दी गई थी। अब बीआरए बिहार विश्वविद्यालय को उन सभी दस्तावेजों को खंगालना होगा जो जांच के दायरे में हैं।

वोकेशनल कोर्स में नामांकन की प्रक्रिया शुरू

विश्वविद्यालय से जुड़ी एक अन्य महत्वपूर्ण खबर नामांकन से संबंधित है। सत्र 2026-27 के लिए वोकेशनल कोर्स में दाखिले की ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया मंगलवार से शुरू हो गई है। इच्छुक छात्र समर्थ पोर्टल के माध्यम से अपना आवेदन जमा कर सकते हैं।

  • आवेदन की समय-सीमा: छात्र 16 जून से 22 जून तक आवेदन कर सकेंगे।
  • कोर्स और सीटें: विश्वविद्यालय के 25 अंगीभूत और संबद्ध कॉलेजों के साथ-साथ छह विभागों में कुल 15 वोकेशनल कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। सीटों का पूरा विवरण पोर्टल पर उपलब्ध है।
  • शुल्क में बढ़ोतरी: इस बार विश्वविद्यालय प्रशासन ने आवेदन शुल्क में 200 रुपये की वृद्धि की है। अब छात्रों को फॉर्म भरने के लिए 800 रुपये का शुल्क देना होगा।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों को सलाह दी है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते पोर्टल पर अपनी जानकारी अपडेट करें। फर्जीवाड़े के आरोपों के बीच विश्वविद्यालय की साख बचाने के लिए प्रमाण-पत्रों की यह जांच बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।


अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।

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