मुजफ्फरपुर के लाल जस्टिस एस. चंद्रशेखर बने सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश, पैतृक गांव चैनपुर में जश्न का माहौल
बिहार की धरती ने एक बार फिर देश के सर्वोच्च न्यायपालिका में अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है। मुजफ्फरपुर के चैनपुर गांव से ताल्लुक रखने वाले जस्टिस एस. चंद्रशेखर को सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। मंगलवार को उन्होंने पद की शपथ ली, जिसके बाद उनके पैतृक गांव चैनपुर में खुशी और उत्साह की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने इसे अपने क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया।
जस्टिस चंद्रशेखर का प्रारंभिक जीवन और कानूनी करियर
जस्टिस श्री चंद्रशेखर का जन्म 25 मई 1965 को हुआ था। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के कैंपस लॉ सेंटर से 1993 में एलएल.बी. की डिग्री प्राप्त की। उसी वर्ष 9 दिसंबर को वे दिल्ली स्टेट बार काउंसिल में वकील के रूप में पंजीकृत हुए। दिल्ली से अपने वकालत करियर की शुरुआत करते हुए, उन्होंने 19 वर्षों में लगभग 3,500 मामलों में पैरवी की। सुप्रीम कोर्ट के 140 से अधिक रिपोर्टेड फैसलों में उन्होंने counsel की भूमिका निभाई। इसके अतिरिक्त, वे झारखंड, एआईसीटीई, बिहार स्टेट हाउसिंग बोर्ड और इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च के स्थायी counsel भी रहे।
न्यायिक यात्रा: झारखंड से बॉम्बे हाई कोर्ट तक
जस्टिस चंद्रशेखर की न्यायिक यात्रा 17 जनवरी, 2013 को झारखंड हाई कोर्ट (रांची बेंच) में अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति के साथ शुरू हुई। 27 जून, 2014 को उन्हें स्थायी न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया। दिसंबर 2023 में, उन्होंने झारखंड हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में भी कार्य किया। इसके बाद दिसंबर 2024 में उनका स्थानांतरण राजस्थान हाई कोर्ट में हुआ। मई 2025 में, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने उन्हें बॉम्बे हाई कोर्ट में स्थानांतरित करने की सिफारिश की, जिसे 14 जुलाई 2025 को मंजूरी मिल गई। उन्होंने 21 जुलाई 2025 को बॉम्बे हाई कोर्ट में न्यायाधीश के रूप में शपथ ली।
चैनपुर में उत्सव और ग्रामीणों का सम्मान
जस्टिस चंद्रशेखर के सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश बनने की खबर जैसे ही उनके पैतृक गांव चैनपुर पहुंची, पूरे गांव में उत्सव का माहौल छा गया। उनके परिवार के सदस्य, शुभचिंतक, मित्र और रिश्तेदार एक साथ इकट्ठा हुए और इस पल को गले मिलकर और बधाई देकर मनाया। ग्रामीणों ने जस्टिस चंद्रशेखर की ईमानदारी और लगन की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने पूरे मुजफ्फरपुर का नाम रोशन किया है।
इस खुशी के अवसर पर, उनके पैतृक घर के सामने स्थित मंदिर में एक भव्य पूजन और हवन का आयोजन किया गया। गांव के पुरोहितों और बुजुर्गों ने मंत्रोच्चार के साथ हवन कर जस्टिस चंद्रशेखर के उज्ज्वल भविष्य और दीर्घायु की कामना की। पूजा संपन्न होने के बाद पूरे गांव में मिठाइयां बांटी गईं, जिसमें बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने हिस्सा लिया।
जस्टिस चंद्रशेखर के चाचा युगल किशोर सिंह और मामा नवल किशोर सिंह इस अवसर पर बेहद भावुक और गौरवान्वित दिखे। उन्होंने ग्रामीणों के साथ मिलकर जश्न की अगुवाई की। ग्रामीणों ने बताया कि जस्टिस चंद्रशेखर के पिता श्याम किशोर जी एक सम्मानित और कर्तव्यनिष्ठ सेवानिवृत्त अभियंता हैं, जिन्होंने अपने बच्चों को उच्च संस्कार और शिक्षा के लिए प्रेरित किया। चैनपुर के निवासियों का कहना है कि जस्टिस चंद्रशेखर का परिवार जब भी गांव आता है, उनका व्यवहार बेहद सौम्य और जमीन से जुड़ा रहता है। ग्रामीणों ने गर्व से कहा, “हमारे गांव का बेटा अब देश की सबसे बड़ी अदालत में न्याय की कुर्सी पर बैठेगा, इससे बड़ा सौभाग्य हमारे लिए और क्या हो सकता है।”
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