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बागमती के कटाव से मिलेगी मुक्ति: रुन्नीसैदपुर-कटरा-केवटसा पथ पर 7.98 करोड़ की लागत से बनेगा एंटी-इरोजन ढाँचा

मुजफ्फरपुर जिले में संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में, बागमती नदी के कटाव से लगातार प्रभावित हो रहे रुन्नीसैदपुर-कटरा-केवटसा पथ की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना को प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई है। नवादा गांव के समीप इस सड़क को कटाव से बचाने के लिए एंटी-इरोजन कार्य किया जाएगा, जिस पर लगभग 7 करोड़ 98 लाख 35 हजार रुपये की लागत आएगी। इस परियोजना से न केवल सड़क सुरक्षित होगी, बल्कि हजारों स्थानीय निवासियों को भी बाढ़ के खतरे से बड़ी राहत मिलेगी।

जिलाधिकारी कुमार गौरव ने शुक्रवार को कटरा और गायघाट प्रखंडों का दौरा कर बाढ़ सुरक्षा तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों की एक टीम के साथ तटबंधों, स्लुइस गेटों और अन्य बाढ़ सुरक्षा व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे समय रहते सभी तैयारियां पूरी कर लें और संवेदनशील स्थलों पर लगातार निगरानी बनाए रखें।

निरीक्षण के दौरान, जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए। उन्हें तटबंधों का नियमित निरीक्षण करने, कटाव प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ से निपटने के लिए आवश्यक सामग्री (फ्लड फाइटिंग मटेरियल) की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और स्लुइस गेटों के सुचारु संचालन पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और आम लोगों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया दी जा सके।

यह एंटी-इरोजन परियोजना मुजफ्फरपुर जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, खासकर उन क्षेत्रों के लिए जो हर साल बागमती नदी के कटाव से जूझते हैं। रुन्नीसैदपुर-कटरा-केवटसा पथ का सुरक्षित रहना क्षेत्र की कनेक्टिविटी और जनजीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस कटावरोधी संरचना के निर्माण से न केवल सड़क की दीर्घायु सुनिश्चित होगी, बल्कि यह क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा, क्योंकि बाढ़ के कारण होने वाली बाधाएं कम होंगी।

निरीक्षण के समय उप विकास आयुक्त श्रेष्ठ अनुपम, अपर समाहर्ता आपदा शैलेश कुमार चौधरी, कटरा एवं गायघाट के अंचलाधिकारी सहित कई अन्य महत्वपूर्ण अधिकारी उपस्थित थे। जिला प्रशासन का यह सक्रिय कदम बाढ़ से पहले की तैयारियों को मजबूत करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।


अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।

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