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मुजफ्फरपुर: मीनापुर में चार साल से अधर में लटका पुल, हजारों की आबादी झेल रही मुसीबत

विकास की राह में बाधा बना अधूरा पुल

मुजफ्फरपुर जिले के मीनापुर प्रखंड अंतर्गत सहिला रामपुर से नरमा पथ पर निर्माणाधीन पुल पिछले चार वर्षों से अधर में लटका हुआ है। 1.43 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाली यह परियोजना आज क्षेत्र के हजारों निवासियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। निर्माण कार्य के लंबे समय से ठप रहने के कारण स्थानीय लोग बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं और आए दिन हादसों का शिकार हो रहे हैं।

सुरक्षा के दावों की खुली पोल

स्थानीय निवासियों का कहना है कि पुल का निर्माण कार्य अधूरा छोड़ने के बाद से ही यहां दुर्घटनाओं का सिलसिला शुरू हो गया है। निर्माण स्थल पर सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं, जिससे रात के अंधेरे में वाहन चालक अक्सर दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। इसके अलावा, बाढ़ के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है। पुल न होने के कारण कई पंचायतों का संपर्क मुख्य मार्ग से टूट जाता है और जलजमाव के कारण लोगों के घरों में पानी घुस जाता है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो जाता है।

जवाबदेही तय करने की मांग

इस मामले को लेकर आरटीआई कार्यकर्ता और छात्र राजद नेता अमरेन्द्र कुमार ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे सरकारी तंत्र की घोर लापरवाही और उदासीनता का प्रतीक बताया है। अमरेन्द्र कुमार ने प्रशासन के समक्ष कई गंभीर मांगें रखी हैं, जिनमें प्रमुख हैं:

  • रुके हुए निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से शुरू कर पूरा करना।
  • निर्माण में देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और संवेदक की जवाबदेही तय करना।
  • संवेदक के खिलाफ सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना।
  • निर्माण स्थल पर सुरक्षा के लिए तत्काल घेराबंदी और संकेतक लगाना।
  • पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर अब तक हुई दुर्घटनाओं के लिए दोषियों को दंडित करना।

आंदोलन की चेतावनी

अमरेन्द्र कुमार ने चेतावनी दी है कि यदि संबंधित विभाग और जिला प्रशासन ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई नहीं की, तो इसे राज्य स्तर पर उठाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया है कि स्थानीय जनता अब और अधिक उपेक्षा बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है और जल्द ही इस मुद्दे पर व्यापक जन आंदोलन शुरू किया जा सकता है। फिलहाल, क्षेत्र के लोग पुल के निर्माण पूरा होने की बाट जोह रहे हैं, ताकि उन्हें आवागमन की इस दुश्वारी से मुक्ति मिल सके।


अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।

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