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कुढ़नी में पंचायत विकास दिवस: डीएम कुमार गौरव ने कहा- महिलाओं की भागीदारी के बिना अधूरा है गांव का विकास

सकरी सरैया में गूंजी विकास की बात

मुजफ्फरपुर जिले के कुढ़नी प्रखंड स्थित सकरी सरैया पंचायत सरकार भवन में रविवार को पंचायत विकास दिवस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी कुमार गौरव ने शिरकत की और ग्रामीण विकास की नई रूपरेखा पर चर्चा की। कार्यक्रम का मुख्य केंद्र बिंदु ‘महिला हितैषी पंचायत’ रहा, जिस पर डीएम ने विशेष जोर दिया।

आधी आबादी की भूमिका पर जोर

समारोह को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी गांव का सर्वांगीण विकास तब तक संभव नहीं है, जब तक उसमें महिलाओं की सक्रिय भागीदारी न हो। उन्होंने कहा कि आधी आबादी को हर क्षेत्र में प्रोत्साहित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे पंचायत के निर्णयों में महिलाओं की आवाज को प्राथमिकता दें, ताकि समाज में एक सकारात्मक बदलाव आ सके।

जवाबदेही और पारदर्शिता का संकल्प

डीएम ने बताया कि पंचायत विकास दिवस का आयोजन महज एक रस्म अदायगी नहीं है, बल्कि यह पंचायतों को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की एक मुहिम है। उन्होंने कहा कि इस मंच के जरिए सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत को परखा जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन और जल जीवन मिशन जैसी प्रमुख योजनाओं का लाभ गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।

जनसमस्याओं के त्वरित समाधान की पहल

कार्यक्रम के दौरान डीएम ने ग्राम सभा की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पंचायत की आय-व्यय का ब्यौरा सार्वजनिक होना चाहिए ताकि आम जनता को योजनाओं की जानकारी मिल सके। इसके अलावा, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, शिक्षा, स्वास्थ्य और जन वितरण प्रणाली से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए।

  • पंचायत स्तर पर योजनाओं की जमीनी समीक्षा।
  • महिला सशक्तिकरण के लिए विशेष कार्ययोजना।
  • सरकारी लाभों को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का लक्ष्य।
  • पारदर्शी और जनभागीदारी आधारित पंचायत व्यवस्था।

इस अवसर पर स्थानीय मुखिया बेबी कुमारी, मुखिया प्रतिनिधि श्रीकांत प्रसाद सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि आने वाले समय में पंचायत विकास दिवस के माध्यम से ग्रामीण बुनियादी ढांचे को और अधिक मजबूत किया जाएगा।


अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।

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