मुजफ्फरपुर के प्रमुख कॉलेजों में अब मिलेगी ईवी चार्जिंग की सुविधा, परिवहन विभाग ने तैयार किया खाका
ग्रीन एनर्जी की ओर कदम
मुजफ्फरपुर में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के बढ़ते चलन को देखते हुए जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। अब शहर के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने के लिए विशेष चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। जिला परिवहन विभाग ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है और इसके लिए चार प्रमुख कॉलेजों को चिन्हित किया गया है।
इन संस्थानों में मिलेगी सुविधा
परिवहन विभाग की योजना के अनुसार, एमआईटी (MIT), एसकेएमसीएच (SKMCH), आरडीएस कॉलेज और एलएस कॉलेज परिसर में ईवी चार्जिंग प्वाइंट लगाए जाएंगे। इन संस्थानों में हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं और शिक्षक रोजाना आवाजाही करते हैं। बड़ी संख्या में छात्र अब ई-बाइक और ई-स्कूटी का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन कैंपस में चार्जिंग की सुविधा न होने के कारण उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।
प्रक्रिया और सुरक्षा मानक
परिवहन विभाग ने इन चारों संस्थानों में चार्जिंग स्टेशन के लिए उपयुक्त स्थानों का चयन कर लिया है। एमआईटी और मेडिकल कॉलेज में जगह का निर्धारण पूरा हो चुका है, जबकि आरडीएस और एलएस कॉलेज में सर्वे का काम संपन्न हो गया है। इन स्थानों का चयन करते समय छात्रों की पहुंच और सुरक्षा मानकों को प्राथमिकता दी गई है। एक बार प्रस्ताव को मुख्यालय से मंजूरी मिलने के बाद, बिजली वितरण कंपनी इन केंद्रों पर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित करने का काम शुरू करेगी।
ईवी को बढ़ावा देने का लक्ष्य
जिला परिवहन पदाधिकारी कुमार विवेक ने बताया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य ‘ग्रीन ट्रांसपोर्ट’ को बढ़ावा देना है। युवाओं के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों की लोकप्रियता को देखते हुए शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता दी गई है। उम्मीद है कि कैंपस में चार्जिंग की सुविधा मिलने से अधिक से अधिक छात्र पर्यावरण के अनुकूल इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित होंगे।
पेट्रोल पंपों पर फंसा पेंच
दूसरी ओर, शहर के पेट्रोल पंपों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन लगाने की योजना फिलहाल ठंडे बस्ते में है। तेल कंपनियां और बिजली विभाग के बीच चार्जिंग दरों को लेकर सहमति नहीं बन पा रही है। तेल कंपनियां बिजली नि:शुल्क चाहती हैं, जबकि बिजली विभाग इसे कॉमर्शियल दरों पर देने की बात कह रहा है। इस गतिरोध के कारण पेट्रोल पंपों पर अब तक काम शुरू नहीं हो सका है, जिससे शैक्षणिक संस्थानों की यह पहल शहर के लिए एक बड़ी राहत मानी जा रही है।
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