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मुजफ्फरपुर का कायाकल्प: बाबा गरीबनाथ कॉरिडोर से बदलेगी शहर की तस्वीर, साहू पोखर पर बनेगा ग्लास ब्रिज

मुजफ्फरपुर में काशी की तर्ज पर सजेगा बाबा गरीबनाथ धाम

मुजफ्फरपुर शहर के हृदय स्थल में स्थित बाबा गरीबनाथ मंदिर अब एक भव्य कॉरिडोर के रूप में विकसित होने जा रहा है। पर्यटन विभाग की एक उच्चस्तरीय टीम ने हाल ही में शहर का दौरा कर प्रस्तावित विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार की है। इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य न केवल मंदिर परिसर को भव्यता प्रदान करना है, बल्कि शहर की यातायात व्यवस्था और पर्यटन क्षमता को भी नई ऊंचाई देना है।

मंदिर का शिखर होगा ऊंचा और साहू पोखर का होगा सौंदर्यीकरण

योजना के तहत बाबा गरीबनाथ मंदिर के शिखर को 10 से 15 फीट तक ऊंचा किया जाएगा, ताकि दूर से ही श्रद्धालु मंदिर के दर्शन कर सकें। मंदिर के साथ-साथ साहू पोखर परिसर का भी कायाकल्प किया जाएगा। साहू पोखर के दो छोरों पर स्थित शिव मंदिर और रामजानकी मंदिर को जोड़ने के लिए एक अत्याधुनिक ग्लास ब्रिज बनाने का प्रस्ताव है। यदि तकनीकी कारणों से ग्लास ब्रिज संभव नहीं हुआ, तो वहां एक आकर्षक डिजाइनर पुल का निर्माण किया जाएगा।

कांवरियों के लिए विशेष सुविधाएं

सावन के महीने में मुजफ्फरपुर आने वाले कांवरियों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। फकुली में एक भव्य स्वागत द्वार बनाया जाएगा। रजला में कांवरियों के ठहरने के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस स्थल का निर्माण होगा, जहां तालाब में नौका विहार की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा, तुर्की में रैन बसेरे का निर्माण और वहां के तालाब का सौंदर्यीकरण भी योजना का हिस्सा है।

बाजारों का व्यवस्थित स्वरूप और बेहतर कनेक्टिविटी

पर्यटन विभाग की योजना के अनुसार, वाराणसी के विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर छाता बाजार से पुरानी बाजार तक की दुकानों को व्यवस्थित किया जाएगा। सड़कों को चौड़ा किया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी न हो। छाता बाजार चौक, प्रभात सिनेमा चौक और मक्खन साह चौक पर भव्य प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे। साथ ही, मंदिर तक पहुंचने वाले रास्तों पर फुटपाथ का निर्माण किया जाएगा ताकि पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित रास्ता मिल सके।

यह परियोजना दो साल पहले निगम बोर्ड की बैठक में सर्वसम्मति से पारित की गई थी। अब पर्यटन विभाग की सक्रियता से इसके धरातल पर उतरने की उम्मीदें बढ़ गई हैं। स्थानीय प्रशासन और पर्यटन विभाग की टीम ने प्रस्तावित कॉरिडोर के क्षेत्र में जमीन की उपलब्धता और अन्य तकनीकी पहलुओं की गहन जांच की है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मुजफ्फरपुर जल्द ही धार्मिक पर्यटन के एक बड़े केंद्र के रूप में उभरेगा।


अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।

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