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मुजफ्फरपुर में पहली नर्सिंग ऑन्कोलॉजी समिट: कैंसर देखभाल में नर्सों की भूमिका पर मंथन

मुजफ्फरपुर में कैंसर देखभाल को नई दिशा देने के उद्देश्य से होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र में दो दिवसीय ‘नर्सिंग ऑन्कोलॉजी समिट’ का सफल आयोजन किया गया। यह मुजफ्फरपुर में अपनी तरह का पहला सम्मेलन था, जिसका उद्घाटन शनिवार को हुआ। इस महत्वपूर्ण आयोजन में विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों से आईं 150 से अधिक नर्सों और स्वास्थ्यकर्मियों ने भाग लिया, जिन्होंने कैंसर मरीजों की बेहतर देखभाल, आधुनिक उपचार पद्धतियों और व्यावहारिक अनुभवों पर गहन चर्चा की।

सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य कैंसर रोगियों के इलाज में नर्सों की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित करना और उन्हें नवीनतम ज्ञान तथा तकनीकों से लैस करना था। अस्पताल के नर्सिंग विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि नर्सें ही कैंसर उपचार प्रक्रिया की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होती हैं, और उनका निरंतर प्रशिक्षित रहना अत्यंत आवश्यक है।

प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति और महत्वपूर्ण सुझाव

इस समिट में टाटा मेमोरियल अस्पताल, मुंबई की नर्सिंग सुपरिटेंडेंट सिंधु नायर ने मुख्य अतिथि के रूप में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। उनके अनुभव और विशेषज्ञता ने प्रतिभागियों को काफी प्रेरित किया। एसकेएमसीएच, मुजफ्फरपुर की प्राचार्य डॉ. कुमारी विभा ने भी इस आयोजन में शिरकत की, जो स्थानीय चिकित्सा समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत था।

होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र के निदेशक डॉ. कुमार प्रभाष ने अपने संबोधन में नर्सों के महत्व को दोहराया। उन्होंने कहा कि कैंसर के मरीजों की यात्रा में नर्सें न केवल उपचार में सहायता करती हैं, बल्कि भावनात्मक संबल भी प्रदान करती हैं। इसलिए, उनकी दक्षता और ज्ञान का अद्यतन होते रहना अनिवार्य है।

अस्पताल के प्रभारी डॉ. रविकांत सिंह ने बिहार में कैंसर देखभाल सुविधाओं को मजबूत करने के लिए एक दूरगामी सुझाव दिया। उन्होंने ‘ऑन्कोलॉजी नर्सिंग एसोसिएशन’ के गठन का प्रस्ताव रखा, जिससे पूरे राज्य में कैंसर नर्सिंग के मानकों को उन्नत किया जा सके और नर्सों को एक साझा मंच मिल सके।

ज्ञान साझाकरण और भविष्य की योजनाएं

दो दिवसीय इस सम्मेलन के दूसरे दिन ज्ञान साझाकरण के लिए कई सत्र आयोजित किए गए। इनमें पोस्टर प्रेजेंटेशन, पेपर प्रेजेंटेशन और पैनल डिस्कशन शामिल थे, जहाँ प्रतिभागियों ने अपने शोध और अनुभवों को प्रस्तुत किया। इन सत्रों ने नर्सों को एक-दूसरे से सीखने और कैंसर देखभाल में आने वाली चुनौतियों के अभिनव समाधान खोजने का अवसर प्रदान किया।

यह समिट मुजफ्फरपुर और पूरे बिहार में कैंसर देखभाल के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इसने न केवल नर्सों को प्रशिक्षित किया, बल्कि उन्हें एक समुदाय के रूप में जुड़ने और राज्य में कैंसर के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने के लिए प्रेरित भी किया। उम्मीद है कि ऐसे आयोजन भविष्य में भी होते रहेंगे, जिससे कैंसर रोगियों को सर्वोत्तम संभव देखभाल मिल सके।


अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।

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