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सावन की पहली सोमवारी पर गरीबनाथ मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब: एक लाख से अधिक शिवभक्तों ने किया जलाभिषेक

मुजफ्फरपुर, बिहार: सावन के पवित्र महीने की पहली सोमवारी पर मुजफ्फरपुर स्थित ऐतिहासिक बाबा गरीबनाथ मंदिर में शिवभक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। उत्तर बिहार के ‘बाबाधाम’ के रूप में विख्यात इस मंदिर में एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर अपनी आस्था प्रकट की। देर रात से ही शुरू हुआ जलाभिषेक का यह क्रम दिनभर जारी रहा, जिसमें शाम तक दो लाख भक्तों के पहुंचने की संभावना है।

श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने व्यापक इंतजाम किए थे। मंदिर से लगभग पाँच किलोमीटर पहले ही कांवरियों की लंबी कतारें व्यवस्थित की गईं, जिससे भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिली। मुख्य पुजारी अभिषेक पाठक ने बताया कि रविवार रात 10 बजे से ही जलाभिषेक प्रारंभ हो गया था, और भक्तों में इस महापर्व को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा गया।

87 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर पहुंचे कांवरिए

बाबा गरीबनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए शिवभक्तों ने 87 किलोमीटर दूर पहलेजा घाट से पवित्र गंगाजल भरकर पैदल यात्रा की। ‘ॐ नमः शिवाय’, ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। कतारबद्ध होकर भक्तों ने अरघा के माध्यम से बाबा गरीबनाथ को जल अर्पित किया। श्रद्धालु भगवान शिव को गंगाजल, दूध, दही, शहद और बेलपत्र चढ़ाकर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और मंगलकामना कर रहे थे।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

भीड़ को सुव्यवस्थित रखने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए थे। जिलाधिकारी (DM) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) स्वयं मंदिर परिसर से लेकर पूरे कांवरिया पथ तक सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे थे। मंदिर और मेला परिसर में बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ-साथ पुरुष और महिला स्वयंसेवकों को भी तैनात किया गया था, जिन्होंने भक्तों की सहायता की और भीड़ प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रशासन और सेवादल के सहयोग से यह महापर्व शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो रहा है, जिससे भक्तों को बिना किसी परेशानी के बाबा के दर्शन करने का अवसर मिल रहा है।

यह आयोजन मुजफ्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों में धार्मिक उत्साह और सामुदायिक सौहार्द का प्रतीक बन गया है, जहाँ हजारों लोग एक साथ आकर अपनी श्रद्धा अर्पित करते हैं।


अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।

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