मुजफ्फरपुर की ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप: ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर मिलेगी जमीन, आवास बोर्ड ने जारी की गाइडलाइन
मुजफ्फरपुर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप परियोजना अब गति पकड़ रही है। बिहार राज्य आवास बोर्ड ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत जमीन की खरीद-बिक्री के लिए ‘पहले आओ, पहले पाओ’ (FIFO) सिद्धांत पर आधारित विस्तृत गाइडलाइन जारी की है। यह कदम टाउनशिप के विकास को तेजी देने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आवेदन प्रक्रिया और मूल्यांकन
आवास बोर्ड द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार, जिन भू-धारकों के आवेदन पहले प्राप्त होंगे, उनके मामलों का निष्पादन प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। बोर्ड ने सभी संबंधित जिलों को इस नई प्रक्रिया से अवगत करा दिया है। बिहार रैयती भूमि क्रय नीति 2026 के प्रावधानों के तहत, टाउनशिप के लिए अधिग्रहित की जाने वाली भूमि पर स्थित सभी संपत्तियों का मूल्यांकन किया जाएगा। इसके बाद एक अनुमानित मूल्य निर्धारित कर सक्षम प्राधिकारी को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए, यदि मामला 100 करोड़ रुपये तक का है, तो प्रस्ताव समाहर्ता (जिलाधिकारी) को भेजा जाएगा। यदि राशि इससे अधिक होती है, तो प्रस्ताव आयुक्त के पास अंतिम मुहर के लिए जाएगा। इन प्राधिकारियों की मंजूरी के बाद ही जमीन की खरीद-बिक्री की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। अब तक, जिले से लगभग 18 रैयतों ने आवेदन किया है, और आवास बोर्ड उनके कागजातों का मूल्यांकन करने में जुटा है। सभी आवश्यक दस्तावेज रैयतों से मांगे गए हैं।
क्रय समिति का गठन और परियोजना की अवधारणा
इस परियोजना के लिए जिला और प्रमंडल स्तर पर क्रय समितियों का गठन किया गया है। प्रत्येक समिति में अध्यक्ष सहित सात-सात सदस्य नामित किए गए हैं। इन समितियों में अपर समाहर्ता (राजस्व), उप विकास आयुक्त, भवन एवं पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, डीसीएलआर व सीओ, जिला अवर निबंधक, जिला कृषि पदाधिकारी और आवास बोर्ड के पदाधिकारी सदस्य के रूप में शामिल होंगे।
ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप को ‘जीरो लोड सिटी’ की अवधारणा पर विकसित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य पुराने शहरों पर बढ़ती आबादी और यातायात के दबाव को कम करना है। सरकार का मानना है कि यह नई टाउनशिप क्षेत्र में रोजगार, निवेश और व्यापार के नए अवसर पैदा करेगी।
आधुनिक सुविधाएं और बुनियादी ढांचा
यह टाउनशिप आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों को अलग-अलग जोन में विभाजित करेगी। यहां आधुनिक जीवनशैली के अनुरूप सभी आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिनमें स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, शॉपिंग मॉल, कम्युनिटी सेंटर और खेल के मैदान शामिल हैं। बड़े पार्क, ग्रीन बेल्ट और पर्यावरण अनुकूल क्षेत्र भी इस परियोजना का अभिन्न अंग होंगे।
बुनियादी ढांचे के तहत, टाउनशिप में चौड़ी सड़कें, स्मार्ट ड्रेनेज सिस्टम, भूमिगत बिजली के तार (अंडरग्राउंड वायरिंग) और 24 घंटे बिजली-पानी की सुविधा प्रदान करने की योजना है। यह परियोजना मुजफ्फरपुर के शहरी विकास में एक नया अध्याय लिखेगी और भविष्य के लिए एक सुनियोजित और टिकाऊ शहरी मॉडल प्रस्तुत करेगी।
अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।



