अहियापुर थानाध्यक्ष से मांगा स्पष्टीकरण, आईओ का एक दिन का वेतन रोका: अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई टली
मुजफ्फरपुर: एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, अहियापुर थानाध्यक्ष से स्पष्टीकरण मांगा गया है और एक जांच अधिकारी (आईओ) का एक दिन का वेतन रोक दिया गया है। यह कार्रवाई घर में घुसकर महिला से मारपीट और दुर्व्यवहार के मामले में तीन आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड और घायलों की चोट रिपोर्ट (जख्म प्रतिवेदन) अदालत में पेश न करने के कारण की गई है। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-नौ, कुमार ज्योत्सना की अदालत ने यह आदेश जारी किया है और इसकी प्रति एसएसपी को भेजने का निर्देश दिया है।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला हरपुर लाहौरी निवासी अमरेश कुमार, अविनाश कुमार और राहुल कुमार द्वारा दायर अग्रिम जमानत की अर्जी से जुड़ा है। अदालत इस अर्जी पर सुनवाई कर रही थी और उसने जांच अधिकारी को अद्यतन केस डायरी, आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड और घायलों का जख्म प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का आदेश दिया था। हालांकि, आईओ श्रुतिधर शर्मा ने केवल केस डायरी ही अदालत में पेश की।
सुनवाई में बाधा और अदालत का सख्त रुख
शुक्रवार को अग्रिम जमानत की अर्जी पर सुनवाई होनी थी, लेकिन आईओ द्वारा आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड और घायलों का जख्म प्रतिवेदन पेश न किए जाने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए, अदालत ने थानाध्यक्ष से स्पष्टीकरण मांगा है कि आखिर क्यों आवश्यक दस्तावेज समय पर प्रस्तुत नहीं किए गए। साथ ही, जांच अधिकारी श्रुतिधर शर्मा के एक दिन के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी गई है, जो उनकी कर्तव्यनिष्ठा में कमी को दर्शाता है।
दर्ज एफआईआर का विवरण
यह मामला अहियापुर थाना क्षेत्र के दादर हरपुर लाहौरी मोहल्ला की सोमारी देवी द्वारा इस वर्ष 28 मार्च को दर्ज कराई गई एफआईआर से संबंधित है। सोमारी देवी ने अपनी शिकायत में बताया था कि 27 मार्च की शाम करीब छह बजे तीनों आरोपी जबरन उनके घर में घुस गए और उनके साथ दुर्व्यवहार करने लगे। जब उनके ससुर पुलिस सहनी और पुत्र अविनाश कुमार वहां आए, तो आरोपियों ने उन दोनों पर भी जानलेवा हमला किया। इस घटना के बाद ही सोमारी देवी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।
आगे की कार्रवाई
अदालत के इस सख्त रुख से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है। एसएसपी को भेजे गए आदेश के बाद इस मामले में आगे की जांच और आवश्यक कार्रवाई की उम्मीद है। यह घटना न्यायिक प्रक्रिया में पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही और समय पर दस्तावेज प्रस्तुत करने के महत्व को रेखांकित करती है।
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