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मुजफ्फरपुर एयरपोर्ट: जून 2027 तक उड़ान भरने को तैयार, निर्माण कार्य ने पकड़ी रफ्तार

मुजफ्फरपुर के पताही में स्थित हवाई अड्डे का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है और जून 2027 तक इसके पूरा होने की उम्मीद है। यह परियोजना मुजफ्फरपुर और आसपास के जिलों के लिए हवाई यात्रा को सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हवाई अड्डे की जमीन को पूरी तरह खाली करा लिया गया है और इसके चारों ओर चारदीवारी का निर्माण भी संपन्न हो चुका है। सभी अवैध कट बंद कर दिए गए हैं, जिससे परिसर में अनधिकृत प्रवेश पर रोक लग गई है।

निर्माण कार्य की प्रगति

हवाई अड्डे के पुनर्निर्माण और आधुनिकीकरण का कार्य 43.13 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। पहले चरण में 23.47 करोड़ रुपये खर्च कर टर्मिनल भवन, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) भवन और फायर स्टेशन सहित अन्य आवश्यक बुनियादी ढांचों का निर्माण किया जा रहा है। मिट्टी की जांच के लिए नमूने भेजे गए हैं, जिनकी रिपोर्ट आते ही निर्माण कार्य में और तेजी आने की संभावना है।

पताही हवाई अड्डे पर आरटीओ के उपकरण और कार्यालय हटा लिए गए हैं, और पुलिस से भी यह जगह खाली करा ली गई है। फायर स्टेशन के लिए बोरवेल का काम पूरा हो चुका है, और अब एटीसी टावर का निर्माण शुरू हो गया है। मुख्य भवन के लिए नींव का काम भी जल्द ही शुरू होने वाला है।

प्रमुख निर्माण एजेंसियां

  • रनवे का निर्माण कार्य उत्तर प्रदेश के कानपुर की कंपनी एलके बिल्डर्स द्वारा किया जा रहा है।
  • कैफेटेरिया और प्रतीक्षालय भवन के निर्माण का जिम्मा एमएचपीएल को सौंपा गया है।

एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने इस परियोजना के निरीक्षण और पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी डीजीएम सुनील कुमार को दी है। निर्माण कार्य की शुरुआत 2 जुलाई को हुई थी, और लक्ष्य है कि काम शुरू होने की तारीख से 11 महीने के भीतर इसे पूरा कर लिया जाए। दोनों एजेंसियां जून 2027 तक निर्माण कार्य पूरा कर एयरपोर्ट अथॉरिटी को सौंप देंगी।

उड़ान योजना और क्षमता

मुजफ्फरपुर एयरपोर्ट को ‘उड़ान’ योजना के तहत विकसित किया जा रहा है। शुरुआत में यहां से 19 सीटर वाले छोटे यात्री विमानों का संचालन किया जाएगा। टर्मिनल भवन को एक समय में 150 यात्रियों को संभालने की क्षमता के अनुरूप विकसित किया जा रहा है।

यह हवाई अड्डा चालू होने के बाद मुजफ्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को पटना या दरभंगा जाने की आवश्यकता नहीं होगी। यहां से देश के प्रमुख शहरों के लिए सीधी उड़ानें संचालित की जा सकेंगी, जिससे यात्रियों के समय और खर्च दोनों की बचत होगी। अगले साल से यहां से उड़ान सेवाएं शुरू होने की संभावना है, जो क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति प्रदान करेगी।


अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।

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