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मुजफ्फरपुर में छात्रों का हुंकार: पेपर लीक, नई शिक्षा नीति और एनटीए भंग करने की मांग पर सड़क पर उतरे युवा

मुजफ्फरपुर में शनिवार को छात्र और युवा संगठनों ने बिहार बंद के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन मुख्य रूप से देश भर में लगातार हो रही पेपर लीक की घटनाओं, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और छात्र-युवा आंदोलनों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने शहर की सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया।

छात्र संगठन आइसा, युवा संगठन इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) और भाकपा-माले के कार्यकर्ताओं ने इस प्रदर्शन में सक्रिय रूप से भाग लिया। इनके साथ ही, महिला संगठन ऐपवा, ग्रामीण खेत मजदूर सभा और किसान महासभा के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता भी बंद के समर्थन में शामिल हुए, जिससे प्रदर्शन को व्यापक आधार मिला।

मुख्य मांगें और विरोध के कारण

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को भंग करना और नई शिक्षा नीति-2020 को वापस लेना शामिल था। उन्होंने पेपर लीक से प्रभावित छात्रों की आत्महत्या के मामलों की जवाबदेही तय करने की भी मांग की। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि लगातार हो रही पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों छात्रों के भविष्य को अंधकारमय बना दिया है और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, जिससे छात्रों में भारी असंतोष व्याप्त है।

भाकपा-माले के जिला सचिव जितेंद्र यादव ने इस अवसर पर कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के कारण छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार को इन मुद्दों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

पुलिस कार्रवाई का विरोध और शांतिपूर्ण प्रदर्शन

प्रदर्शनकारियों ने छात्र-युवा आंदोलनों पर हो रही पुलिस कार्रवाई का भी कड़ा विरोध किया। उन्होंने ऐसी कार्रवाई को तत्काल रोकने और कथित दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, जिसमें किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। प्रदर्शनकारी संगठनों ने सरकार से अपनी मांगों पर जल्द से जल्द निर्णय लेने की अपील की, ताकि छात्रों के भविष्य को सुरक्षित किया जा सके और शिक्षा प्रणाली में विश्वास बहाल हो सके।

यह प्रदर्शन मुजफ्फरपुर में छात्रों और युवाओं के बीच बढ़ते असंतोष को दर्शाता है, जो शिक्षा प्रणाली में सुधार और पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।


अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।

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