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उत्तर बिहार में अगले दो दिन बारिश और वज्रपात का अलर्ट: मुजफ्फरपुर, दरभंगा, समस्तीपुर में मौसम बदलेगा

उत्तर बिहार के मुजफ्फरपुर, दरभंगा, समस्तीपुर सहित कई जिलों में अगले दो दिनों तक मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। हालांकि, भारी बारिश की आशंका कम है, लेकिन हल्की से मध्यम वर्षा के साथ मेघगर्जन और वज्रपात हो सकता है। लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के जलवायु परिवर्तन पर उच्च अध्ययन केंद्र के अनुसार, 8 अगस्त तक उत्तर बिहार के अधिकांश जिलों में रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर मेघगर्जन के साथ आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा है। मौसम विभाग ने आम जनता और किसानों को खुले स्थानों, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की अपील की है।

मौसम का बदलता स्वरूप और तापमान

गुरुवार की सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे, जिससे मौसम सुहाना बना रहा। हालांकि, अधिकांश जगहों पर बारिश नहीं हुई। दोपहर होते-होते धूप निकलने से उमस और गर्मी का एहसास बढ़ा, लेकिन पूरबा हवा चलने से लोगों को थोड़ी राहत मिली। शाम ढलते ही आसमान में फिर से बादलों ने डेरा जमा लिया, जिससे मौसम खुशनुमा हो गया।

मौसम केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार को अधिकतम तापमान 32.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.6 डिग्री कम था। वहीं, न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 3.5 डिग्री कम रहा। सुबह के समय सापेक्ष आर्द्रता 95 प्रतिशत और दोपहर में 81 प्रतिशत दर्ज की गई। पूरबा हवा लगभग 6.8 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली।

मानसून की स्थिति और किसानों की चिंता

पिछले 24 घंटों के दौरान क्षेत्र में 28.0 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। इसके बावजूद, इस मानसून सीजन में जून और जुलाई दोनों महीनों में औसत से काफी कम बारिश हुई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। अगस्त में भी सामान्य से कम वर्षा होने के संकेत मिल रहे हैं, जो कृषि क्षेत्र के लिए एक चुनौती बन सकता है।

मौसम विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि वे बारिश और आकाशीय बिजली के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें। किसानों को भी मौसम पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए अपनी खेती-बाड़ी से जुड़े कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी गई है, ताकि संभावित नुकसान से बचा जा सके और फसलें सुरक्षित रहें।


अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।

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