भाई की जमीन हड़पने वाली बहन मुजफ्फरपुर से गिरफ्तार, डीआईजी की जांच के बाद हुई कार्रवाई
मोतिहारी: मधुबन पुलिस ने एक ऐसे मामले का खुलासा किया है जहाँ एक महिला ने अपने भाई के नाम पर दर्ज जमीन को धोखे से बेच दिया। इस मामले में आरोपी बहन को मुजफ्फरपुर से गिरफ्तार कर लिया गया है। चंपारण रेंज के डीआईजी हरि किशोर राय की गहन जांच के बाद यह कार्रवाई की गई, जिसमें लगाए गए आरोप सही पाए गए।
गिरफ्तार महिला की पहचान मुजफ्फरपुर जिले के बोचहां थाना क्षेत्र के वैद्यनाथपुर खानपुर निवासी राजेश साह की पत्नी रूपमणि देवी के रूप में हुई है। मधुबन थाना में रूपमणि देवी के खिलाफ जमीन धोखाधड़ी का मामला दर्ज था।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला तब सामने आया जब विसुनपुर तारा निवासी सुरेश प्रसाद ने मधुबन थाना में अपनी बहन रूपमणि देवी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। सुरेश प्रसाद ने आरोप लगाया था कि उनकी बहन रूपमणि देवी ने उनके नाम पर रजिस्टर्ड जमीन को अवैध तरीके से बेच दिया है। इस धोखाधड़ी में दो बहनें शामिल थीं, जिनमें से एक रूपमणि देवी को अब पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए, चंपारण रेंज के डीआईजी हरि किशोर राय ने स्वयं इसकी जांच की। डीआईजी की जांच में सुरेश प्रसाद द्वारा लगाए गए सभी आरोप सही पाए गए, जिसके बाद मधुबन पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी रूपमणि देवी को मुजफ्फरपुर से गिरफ्तार कर लिया।
थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार पांडेय ने बताया कि पुलिस इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। यह घटना भाई-बहन के रिश्तों में विश्वासघात और संपत्ति विवादों की जटिलताओं को उजागर करती है। पुलिस का कहना है कि अन्य संबंधित पहलुओं की भी जांच की जा रही है ताकि मामले की पूरी सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को सजा मिल सके।
इस गिरफ्तारी से उन लोगों को एक संदेश गया है जो संपत्ति विवादों में धोखाधड़ी का सहारा लेते हैं। पुलिस प्रशासन ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि आम जनता के हितों की रक्षा की जा सके।
अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।



