मुजफ्फरपुर नगर निगम का कड़ा रुख: बकाया टैक्स न चुकाने वालों पर होगी सर्टिफिकेट केस की कार्रवाई, टॉप-10 बकायेदार निशाने पर
मुजफ्फरपुर नगर निगम ने राजस्व वसूली में तेजी लाने के लिए कमर कस ली है। मंगलवार को हुई समीक्षा बैठक में उप नगर आयुक्त अनुभूति श्रीवास्तव ने संपत्ति कर (होल्डिंग टैक्स) के बड़े बकायेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। निगम ने शहर के टॉप-10 बकायेदारों पर सर्टिफिकेट केस दर्ज करने की तैयारी कर ली है और उन्हें एक सप्ताह के भीतर बकाया चुकाने का अल्टीमेटम दिया गया है।
बैठक में राजस्व शाखा के प्रदर्शन की विस्तृत समीक्षा की गई, जिसमें संपत्ति कर वसूली, बड़े बकायेदारों की स्थिति और ट्रेड लाइसेंस की प्रगति पर विशेष ध्यान दिया गया। पिछली बैठक के बाद से निगम ने संपत्ति कर मद में 1.25 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वसूली की है, जो एक सकारात्मक संकेत है।
बकायेदारों पर शिकंजा: सर्टिफिकेट केस और ब्याज का प्रावधान
नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि संपत्ति कर के बड़े बकायेदारों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। टॉप-10 बकायेदारों को एक सप्ताह के भीतर अपना बकाया कर जमा करने का अंतिम मौका दिया गया है। यदि वे इस अवधि में भुगतान नहीं करते हैं, तो बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 के तहत उनके खिलाफ सर्टिफिकेट केस दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, तीनों टैक्स दारोगाओं को अपने-अपने वार्ड से पांच-पांच बड़े बकायेदारों की सूची तैयार कर वसूली की कार्रवाई तेज करने का निर्देश दिया गया है।
निगम ने शहरवासियों से अपील की है कि वे चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 का संपत्ति कर 30 सितंबर 2026 तक जमा कर दें। इस समय सीमा के भीतर भुगतान न करने वाले करदाताओं पर 1 अक्टूबर 2026 से बकाया कर पर प्रतिमाह 1.5 प्रतिशत की दर से ब्याज लगाया जाएगा। साथ ही, दंड अधिभार (पेनल्टी) भी देय होगा।
टैक्स कलेक्टर्स के प्रदर्शन की समीक्षा और चेतावनी
राजस्व समीक्षा के दौरान टैक्स कलेक्टर्स के प्रदर्शन का भी मूल्यांकन किया गया। संपत्ति कर वसूली में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले टॉप-5 कर संग्रहकर्ताओं को नगर निगम द्वारा सम्मानित किया जाएगा। वहीं, वसूली में सबसे पीछे रहने वाले बॉटम-10 टैक्स कलेक्टर्स को अंतिम चेतावनी दी गई है। उन्हें चालू सप्ताह में अपने प्रदर्शन में सुधार लाने का निर्देश दिया गया है, अन्यथा अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
राजस्व वसूली में लापरवाही और धीमी प्रगति को लेकर दो टैक्स दारोगाओं, अखिलेश कुमार सिंह और गौरी शंकर प्रसाद से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। निगम प्रशासन ने सभी कर्मियों को राजस्व संग्रह को प्राथमिकता देने और निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरा करने का निर्देश दिया है।
ट्रेड लाइसेंस पर भी सख्ती
बैठक में ट्रेड लाइसेंस की स्थिति की भी समीक्षा की गई। उन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को जल्द से जल्द आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया है जो बिना ट्रेड लाइसेंस के या लाइसेंस का नवीनीकरण कराए बिना संचालित हो रहे हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में राजस्व शाखा प्रभारी रवि रंजन राज, प्रधान सहायक-सह-टैक्स दारोगा मो. नूर आलम, टैक्स दारोगा अखिलेश कुमार सिन्हा, गौरी शंकर प्रसाद सहित सभी कर संग्रहकर्ता उपस्थित रहे।
अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।



