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मुजफ्फरपुर में शराब तस्करी का अनोखा तरीका: नोटबुक में छिपाकर ले जाई जा रही थीं 360 बोतलें, ऑटो चालक गिरफ्तार

मुजफ्फरपुर में शराब तस्करों ने एक बार फिर पुलिस को चकमा देने के लिए नया और हैरान कर देने वाला तरीका अपनाया। उत्पाद विभाग की टीम ने एक ई-ऑटो से 360 बोतल शराब बरामद की है, जिसे बड़ी चालाकी से नोटबुक्स के बंडलों के बीच छिपाकर ले जाया जा रहा था। इस मामले में ऑटो चालक मोहम्मद सद्दाम अंसारी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

उत्पाद विभाग को भीखनपुर इलाके में एक ई-ऑटो से शराब तस्करी की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही उत्पाद इंस्पेक्टर प्रकाश कुमार राम के निर्देश पर एसआई राजा जन्मेजय के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बताए गए स्थान पर ऑटो को रोका और उसकी तलाशी शुरू की।

शुरुआती जांच में ऑटो में रखी तीन बोरियों में ऊपर से केवल किताबें और कॉपियां ही दिखाई दे रही थीं, जिससे किसी को शक न हो। लेकिन, पुलिस को मिली सटीक सूचना के आधार पर टीम ने बोरियों की गहनता से जांच की। जांच के दौरान यह देखकर सभी हैरान रह गए कि तस्करों ने लगभग 18 नोटबुक्स के बंडलों को काटकर उनके बीच में शराब की बोतलें छिपा रखी थीं। प्रत्येक नोटबुक के बीच का हिस्सा इस तरह से काटा गया था कि उसमें शराब की बोतलें आसानी से फिट हो सकें और बाहर से देखने पर बिल्कुल सामान्य लगें।

कुल 360 बोतलें बरामद की गईं, जिन्हें तीन बोरियों में पैक किया गया था। इनमें से दो बोरियां ऑटो के पीछे खाली जगह में रखी थीं, जबकि तीसरी बोरी पिछली दोनों सीटों के बीच में छिपाई गई थी। इस तरह की रचनात्मक तस्करी का तरीका देखकर पुलिस भी दंग रह गई।

गिरफ्तार ऑटो चालक मोहम्मद सद्दाम अंसारी से पूछताछ में उसने बताया कि उसे यह शराब की खेप ‘प्रिंस’ नामक व्यक्ति ने दी थी। सद्दाम के अनुसार, उसे इस खेप को पहुंचाने के लिए 1000 रुपये मिलने थे। उसने यह भी दावा किया कि वह इस नेटवर्क में नया है और उसे यह जानकारी नहीं है कि शराब कहां से लाई गई थी और इसे मुजफ्फरपुर में किस व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था।

उत्पाद इंस्पेक्टर प्रकाश कुमार राम ने बताया कि शराब तस्कर लगातार नए-नए तरीके अपनाकर कानून प्रवर्तन एजेंसियों को चुनौती दे रहे हैं। इस बार नोटबुक्स का इस्तेमाल कर शराब छिपाने का तरीका अपनाया गया था, ताकि जांच के दौरान किसी को संदेह न हो। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस अब प्रिंस और इस पूरे शराब तस्करी नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि शराब की यह बड़ी खेप कहां से आई थी और मुजफ्फरपुर में इसका अंतिम गंतव्य क्या था। पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है और जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों को भी गिरफ्तार करने की उम्मीद है।


अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।

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