स्थानीय

बागमती का रौद्र रूप: मुजफ्फरपुर के गायघाट में बाढ़ से हाहाकार, 1500 परिवार प्रभावित

मुजफ्फरपुर जिले में नदियों का बढ़ता जलस्तर अब विकराल रूप ले चुका है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बागमती नदी के उफान ने विशेष रूप से गायघाट प्रखंड में गंभीर बाढ़ की स्थिति पैदा कर दी है। लगभग 1500 परिवार इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में आ गए हैं, जिससे उनके सामने जीवन-यापन का संकट खड़ा हो गया है।

कांटा पिरौंछा दक्षिणी पंचायत बाढ़ से पूरी तरह घिर चुकी है। पंचायत से बाहर निकलने वाली प्रमुख सड़कें पानी के तेज बहाव के कारण तीन स्थानों पर टूट गई हैं, जिससे आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है। स्थानीय लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

कई गांवों में घुसा पानी, महादलित टोलों पर विशेष असर

बाढ़ का पानी अब जमालपुर कोदई और केवटसा पंचायत के कई गांवों तक पहुंच गया है। इन पंचायतों के महादलित टोलों में स्थिति और भी गंभीर है, जहां कई घरों में पानी घुस जाने से लोग बेघर हो गए हैं। प्रभावित परिवारों को मजबूरन ऊंचे स्थानों पर शरण लेनी पड़ रही है, जहां वे खुले आसमान के नीचे या अस्थायी आश्रयों में रहने को विवश हैं।

गायघाट के अंचलाधिकारी पुष्प राज ने स्थिति की गंभीरता को स्वीकार करते हुए बताया कि प्रभावित परिवारों की सूची तैयार की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही सामुदायिक रसोई शुरू की जाएगी ताकि बाढ़ पीड़ितों को भोजन उपलब्ध कराया जा सके। इसके अतिरिक्त, प्रभावित लोगों के बीच पॉलीथिन शीट का वितरण भी किया जाएगा, जिससे उन्हें कुछ हद तक छत मिल सके।

गंडक नदी पर भी प्रशासन की पैनी नजर

एक ओर जहां बागमती कहर बरपा रही है, वहीं दूसरी ओर गंडक नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। जिलाधिकारी कुमार गौरव ने रतनपुर डीही और रेवा घाट के संवेदनशील तटबंधों का जायजा लिया। उन्होंने सरैया, पारू और साहेबगंज के अंचल अधिकारियों को पूरी तरह अलर्ट रहने और स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

जिला प्रशासन ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीमें पूरी तरह मुस्तैद हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। प्रशासन द्वारा राहत कार्यों को तेज किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, बल्कि सतर्क रहें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।


अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Back to top button