मुजफ्फरपुर के नए हाईवे पर अब AI रखेगी पैनी नज़र, बिना रुके कटेगा टोल; NHAI ने तय किए 5 नए मानक
मुजफ्फरपुर से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग अब अत्याधुनिक तकनीक से लैस होंगे। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने सड़क निर्माण और प्रबंधन के लिए पाँच नए मानक निर्धारित किए हैं, जिनका उद्देश्य यात्रा को अधिक सुगम, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल बनाना है। इन मानकों के तहत, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का उपयोग सड़क की गुणवत्ता की निगरानी से लेकर टोल भुगतान तक हर पहलू में किया जाएगा।
NHAI द्वारा तय किए गए ये नए मानक अब सभी आगामी फोरलेन और ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर लागू होंगे। इसका सीधा असर मुजफ्फरपुर से होकर गुजरने वाले रक्सौल-हल्दिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, मुजफ्फरपुर-बरौनी फोरलेन और मधौल से बखरी तक प्रस्तावित रिंग रोड जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर पड़ेगा। इन सड़कों का निर्माण अब इन्हीं उन्नत तकनीकों और मानकों के आधार पर किया जाएगा।
योजना और निर्माण में आधुनिकता
नए मानकों में बेहतर योजना, आधुनिक निर्माण तकनीक, सुगम टोल व्यवस्था, सुदृढ़ जल निकासी प्रणाली और अधिक हरियाली पर विशेष जोर दिया गया है। सड़क निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए AI तकनीक और थ्री-डी पेवर्स का इस्तेमाल किया जाएगा। AI न केवल सड़कों के निर्माण में सहायता करेगा, बल्कि इसकी निगरानी भी करेगा, जिससे ठेकेदारों की मनमानी पर लगाम लगेगी और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा। अब केवल एजेंसी की रिपोर्ट ही मान्य नहीं होगी, बल्कि AI का मूल्यांकन भी महत्वपूर्ण होगा।
योजना के चरण में, केवल प्रस्तावित हाईवे पर ही नहीं, बल्कि उसके आसपास की सड़कों और औद्योगिक क्षेत्रों से आने वाले मालवाहक वाहनों का भी गहन आकलन किया जाएगा। अगले दस वर्षों की संभावित यातायात वृद्धि को ध्यान में रखते हुए विस्तृत यातायात आकलन रिपोर्ट तैयार की जाएगी, ताकि भविष्य की जरूरतों को पूरा किया जा सके।
टोल भुगतान और पर्यावरण में बड़ा बदलाव
सबसे बड़ा बदलाव टोल भुगतान प्रणाली में देखने को मिलेगा। सरकार की ‘मल्टी लेन फ्री फ्लो’ प्रणाली के तहत, वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकने की आवश्यकता नहीं होगी। फास्टैग के माध्यम से चलते-चलते ही टोल कट जाएगा, जिससे टोल प्लाजा पर लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी और यात्रा का समय बचेगा।
पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए, हाईवे के चारों ओर स्थानीय जलवायु के अनुकूल पौधे लगाए जाएंगे। फ्लाईओवर के नीचे और डिवाइडर पर भी हरियाली विकसित की जाएगी, जिससे न केवल सौंदर्य बढ़ेगा बल्कि प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।
जल निकासी प्रणाली को भी मजबूत बनाया जाएगा। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए विस्तृत जल निकासी योजना डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) का अभिन्न अंग होगी। अंडरपास और फ्लाईओवर के नीचे पानी जमा न हो, इसके लिए जल संचयन संरचनाएं बनाई जाएंगी। इसके अतिरिक्त, नए हाईवे में लैंडस्केपिंग योजना एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगी, जो सड़क के किनारे के सौंदर्य को बढ़ाएगी। NHAI ने सभी क्षेत्रीय कार्यालयों को इन नए मानकों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है।
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