मुजफ्फरपुर में कचरे से बनेगी गैस, AI करेगा सफाई व्यवस्था की निगरानी: फ्रांस-जर्मनी की टीम समीक्षा के लिए पहुंची
मुजफ्फरपुर शहर की सफाई व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से लैस करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। ‘सिटीज 2.0’ परियोजना के तहत शहर में कचरे से कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) बनाने का प्लांट स्थापित किया जाएगा, वहीं सफाई व्यवस्था की निगरानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए की जाएगी। इन महत्वाकांक्षी योजनाओं की प्रगति और प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा के लिए फ्रांस, जर्मनी और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स (NIUA) की एक संयुक्त टीम मुजफ्फरपुर पहुंची है।
यह अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल 5 से 7 अक्टूबर तक मुजफ्फरपुर में रहेगा, जहां वे ‘सिटी इन्वेस्टमेंट्स टू इनोवेट, इंटीग्रेट एंड सस्टेन’ (सिटीज 2.0) परियोजना से जुड़े विभिन्न पहलुओं का गहन मूल्यांकन करेंगे। सोमवार को टीम ने मुजफ्फरपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सह नगर आयुक्त ऋतुराज प्रताप सिंह के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस बैठक में शहर के ठोस कचरा प्रबंधन और प्रस्तावित योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
ठोस कचरा प्रबंधन और ऊर्जा उत्पादन पर जोर
परियोजना के तहत, शहर में मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (MRF) और कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) प्लांट स्थापित करने की तैयारी है। इन सुविधाओं के माध्यम से कचरे को सिर्फ एक समस्या के बजाय एक उपयोगी संसाधन में बदलने पर जोर दिया जाएगा। बैठक में कचरे के स्रोत पर ही पृथक्करण, कचरे से उपयोगी सामग्री और ऊर्जा तैयार करने के साथ-साथ रीसाइक्लिंग को बढ़ावा देने जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों का मानना है कि इन उपायों से ठोस कचरा प्रबंधन प्रणाली को अधिक प्रभावी और पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा सकेगा।
नगर आयुक्त ऋतुराज प्रताप सिंह ने बताया कि सिटीज 2.0 के माध्यम से शहर की कचरा प्रबंधन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कचरे को केवल गंदगी के रूप में देखने के बजाय, उसे उपयोगी संसाधन के रूप में इस्तेमाल करने की पहल की जा रही है, जिससे शहर की स्वच्छता मजबूत होगी और पर्यावरण को भी लाभ मिलेगा।
AI आधारित निगरानी और जागरूकता अभियान
सफाई और ठोस कचरा प्रबंधन व्यवस्था को AI आधारित प्रणाली से जोड़ने की भी योजना है। यह तकनीक सफाई व्यवस्था की निगरानी को अधिक तकनीकी और व्यवस्थित बनाएगी, जिससे कार्यकुशलता में वृद्धि होगी। इसके अतिरिक्त, शहर के चयनित स्थलों को स्वच्छ और सुंदर मॉडल स्पॉट के रूप में विकसित करने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है। लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाने पर भी चर्चा हुई, ताकि जनभागीदारी सुनिश्चित की जा सके।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को रौतिनिया स्थित डंपिंग यार्ड सहित अन्य प्रस्तावित स्थलों का निरीक्षण करेगा। टीम वहां मौजूदा स्थिति, उपलब्ध संसाधनों और प्रस्तावित तकनीकी व्यवस्था को जमीन पर लागू करने की संभावनाओं का जायजा लेगी। इस बैठक में एफडी टीम के प्रमुख फैब्रिस जुक्वा सहित एंटोनी मोगेनो, जस्टिन प्लॉर्डे डेहाउमोंट, नितेश चंद्राकर और अमित गोस्वामी मौजूद थे। एनआईयूए की ओर से सौरभ मनुजा, मोहम्मद आरिफ, दिलशाद अहमद और पुनीत बब्बर भी शामिल हुए। नगर निगम के अन्य अधिकारी भी इस महत्वपूर्ण बैठक में उपस्थित रहे।
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