एमआईटी मुजफ्फरपुर में फिर रैगिंग का मामला: जूनियर छात्रों ने की शिकायत, एंटी-रैगिंग कमेटी सक्रिय
मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) एक बार फिर रैगिंग की घटनाओं को लेकर सुर्खियों में है। संस्थान में रैगिंग का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है, और ताजा मामले में 2026 बैच के बीएमआर ब्रांच के दो नए छात्रों ने सीनियर छात्रों पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। यह घटना कॉलेज के आईटी बिल्डिंग के पास हुई, जब पीड़ित छात्र अपनी कक्षा में शामिल होने जा रहे थे।
पीड़ित छात्रों ने कॉलेज प्रशासन को लिखित शिकायत दी है, जिसमें उन्होंने अपनी आपबीती बताई। शिकायत के अनुसार, जब वे अपनी क्लास की ओर बढ़ रहे थे, तभी कुछ सीनियर छात्रों ने उनका रास्ता रोक लिया। सीनियरों ने कथित तौर पर उन्हें अपमानजनक बातें कहीं, धमकाया और उनके नाम पूछे। उन्होंने जूनियर छात्रों को चेतावनी दी कि वे कैंपस में ‘अंडर-शर्टिंग’ करके न घूमें। इसके अलावा, सीनियरों ने जूनियरों के बड़े बाल रखने पर भी आपत्ति जताई और उन पर ड्रेस कोड सहित अन्य मनमाने नियमों का सख्ती से पालन करने का दबाव डाला।
जूनियर छात्रों ने बताया कि कॉलेज प्रशासन ने पहले ही स्पष्ट निर्देश दिए थे कि यदि किसी भी जूनियर के साथ रैगिंग या अभद्रता होती है, तो वे तुरंत अधिकारियों को सूचित करें। इसी निर्देश का पालन करते हुए उन्होंने यह शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ितों ने यह भी खुलासा किया कि कैंपस में कई अन्य नए छात्रों के साथ भी ऐसी घटनाएं लगातार हो रही हैं, लेकिन डर के कारण वे खुलकर सामने नहीं आ पा रहे हैं। उन्होंने दोषियों के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, एमआईटी की एंटी-रैगिंग कमेटी ने तत्काल कार्रवाई की। कमेटी के सदस्यों ने पीड़ित छात्रों को बुलाकर घटना की विस्तृत जानकारी ली। कॉलेज प्रशासन ने बताया कि मामले को आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए अनुशासन समिति (Discipline Committee) के पास भेज दिया गया है। समिति की जांच रिपोर्ट और संस्थान के नियमों के आधार पर दोषी सीनियरों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई जल्द ही की जाएगी।
रैगिंग की इस ताजा घटना के बाद कॉलेज प्रशासन हरकत में आ गया है। आईटी बिल्डिंग और कैंपस के अन्य संवेदनशील इलाकों में गश्ती और मॉनिटरिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। कॉलेज प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि संस्थान में रैगिंग के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति लागू है। किसी भी छात्र को माहौल खराब करने या नए छात्रों को मानसिक या शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने की छूट नहीं दी जाएगी। प्रशासन ने छात्रों को आश्वस्त किया है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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