शारदीय नवरात्र: मुजफ्फरपुर में महाष्टमी पर उमड़ा भक्तों का सैलाब, देवी मंदिरों में गूंजे जयकारे
मुजफ्फरपुर, बिहार: शारदीय नवरात्र की महाष्टमी के पावन अवसर पर रविवार को मुजफ्फरपुर जिले के विभिन्न पूजा पंडालों और देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। पारू, जाफरपुर, कमलपुरा बैंक चौक, फतेहाबाद, लालुछपरा बाजार, रामलीलागाछी बाजार, देवरिया पुरानी बाजार, विशुनपुर सरैया चौक और मंगुरहिया चौक सहित कई स्थानों पर स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमाओं के दर्शन और पूजन के लिए सुबह से ही लंबी कतारें देखी गईं।
भक्तों ने पूरी श्रद्धा और भक्तिभाव से मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान मंदिरों और पंडालों में ‘जय माता दी’ और ‘दुर्गा मैया की जय’ जैसे जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा से अपने परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी आयु वर्ग के लोग इस धार्मिक उत्साह में डूबे नजर आए।
सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद
महाष्टमी के अवसर पर उमड़ी भारी भीड़ को देखते हुए, स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। पारू और देवरिया थाना क्षेत्रों में पुलिस बल विशेष रूप से मुस्तैद दिखा। किसी भी अप्रिय घटना से बचने और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मी लगातार गश्त करते रहे और भीड़ को नियंत्रित करने में सहयोग किया। पूजा पंडालों के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और वे शांतिपूर्ण ढंग से दर्शन कर सकें।
नवरात्र के दौरान, मुजफ्फरपुर शहर और ग्रामीण इलाकों में भक्ति का माहौल चरम पर है। रंग-बिरंगी रोशनी से सजे पूजा पंडाल और मंदिरों की भव्यता देखते ही बन रही है। महाष्टमी के दिन विशेष पूजा-अर्चना और अनुष्ठान किए गए, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लिया। कई स्थानों पर भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिसने उत्सव के माहौल को और भी जीवंत बना दिया।
यह पर्व शक्ति की देवी मां दुर्गा की आराधना का प्रतीक है, और भक्त नौ दिनों तक उपवास रखकर देवी के विभिन्न रूपों की पूजा करते हैं। महाष्टमी का दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इस दिन कन्या पूजन और हवन का भी विधान है। मुजफ्फरपुर के लोगों ने इस अवसर को पूरी आस्था और उल्लास के साथ मनाया, जिससे शहर में एक सकारात्मक और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ।
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