मुजफ्फरपुर: 2.75 करोड़ के गबन मामले में फंसे फारबिसगंज EO, पुलिस की छापेमारी के बाद फरार
साहेबगंज नगर परिषद में वित्तीय अनियमितता का मामला
मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज नगर परिषद में हुए करोड़ों रुपये के गबन के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले में फारबिसगंज के वर्तमान कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) रणधीर लाल मुख्य आरोपी हैं। साहेबगंज पुलिस की एक विशेष टीम उनकी गिरफ्तारी के लिए फारबिसगंज पहुंची, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही अधिकारी फरार हो गए।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला साहेबगंज नगर परिषद में रणधीर लाल के कार्यकाल के दौरान हुई खरीद-फरोख्त से जुड़ा है। आरोप है कि उन्होंने विभागीय नियमों को ताक पर रखकर स्ट्रीट लाइट, हाई मास्ट टावर, रिफ्यूज काम्पेक्टर और सीसीटीवी कैमरों की खरीद में भारी अनियमितता बरती। जांच में सामने आया कि बिना काम पूरा किए ही एक निजी कंपनी को 2.75 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान महज चार दिनों के भीतर कर दिया गया।
पुलिस की कार्रवाई और चेतावनी
साहेबगंज के वर्तमान ईओ मो. फिरोज द्वारा दर्ज कराए गए मामले (कांड संख्या 344/26) के आधार पर पुलिस ने अपनी जांच तेज कर दी है। मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी ने भी इस वित्तीय अनियमितता की पुष्टि करते हुए विभाग को सख्त कार्रवाई की अनुशंसा की थी। साहेबगंज पुलिस की टीम ने फारबिसगंज स्थित ईओ के सरकारी आवास और कार्यालय में दबिश दी, लेकिन वहां ताला लगा मिला।
- आरोपी ईओ रणधीर लाल पर 2.75 करोड़ रुपये के गबन का गंभीर आरोप है।
- पुलिस ने कार्यालय के कर्मचारियों से पूछताछ की और साक्ष्य जुटाए।
- पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि आरोपी ने जल्द ही न्यायालय में आत्मसमर्पण नहीं किया, तो उनकी संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
फिलहाल, इस छापेमारी के बाद फारबिसगंज नगर परिषद कार्यालय में हड़कंप मचा हुआ है। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि पुलिस के आने की भनक आरोपी को पहले कैसे लगी। पुलिस अब आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत वारंट और इश्तेहार जारी करने की तैयारी में है ताकि आरोपी को जल्द से जल्द कानून के दायरे में लाया जा सके।
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