परीक्षा माफिया का बड़ा खुलासा: 4 लाख रुपये में होता था सेंटर मैनेजमेंट, पटना में चल रही थी सॉल्वर गैंग की ट्रेनिंग
परीक्षाओं की शुचिता पर बड़ा सवाल
बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर सॉल्वर गैंग का जाल लगातार फैलता जा रहा है। हालिया खुलासे में यह बात सामने आई है कि एक संगठित गिरोह चार लाख रुपये की मोटी रकम लेकर परीक्षा केंद्रों को मैनेज करने का काम कर रहा था। इस गिरोह का नेटवर्क इतना मजबूत था कि पटना में बाकायदा अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण देने का काम भी किया जा रहा था।
मोबाइल से मिले सबूत
जांच के दौरान पुलिस को गिरोह के सदस्यों के पास से जो मोबाइल फोन मिले हैं, उनमें 200 से अधिक छात्रों के दस्तावेज और एडमिट कार्ड बरामद हुए हैं। यह इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि गिरोह ने बड़े पैमाने पर धांधली की योजना बना रखी थी। बरामद दस्तावेजों से यह भी संकेत मिलते हैं कि गिरोह के तार राज्य के विभिन्न जिलों से जुड़े हुए हैं, जिसमें मुजफ्फरपुर जैसे शहर भी शामिल हो सकते हैं।
कैसे काम करता था गिरोह?
- सेंटर सेटिंग: गिरोह के सदस्य परीक्षा केंद्रों के कर्मचारियों या प्रबंधकों से साठ-गांठ कर परीक्षा हॉल में अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुँचाते थे।
- प्रशिक्षण शिविर: पटना में एक गुप्त स्थान पर अभ्यर्थियों को परीक्षा में नकल करने और सॉल्वर के साथ तालमेल बिठाने की ट्रेनिंग दी जाती थी।
- दस्तावेजों का जखीरा: मोबाइल में मिले 200 से ज्यादा छात्रों के दस्तावेज यह बताते हैं कि यह कोई छोटी-मोटी घटना नहीं, बल्कि एक बड़ा रैकेट है।
फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के आधार पर उन केंद्रों की पहचान की जा रही है, जिन्हें मैनेज करने का दावा किया गया था। इस खुलासे के बाद से शिक्षा विभाग और परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं में हड़कंप मच गया है।
छात्रों के भविष्य पर खतरा
मेहनती छात्रों के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। जब चार लाख रुपये देकर परीक्षा पास करने का रास्ता खुल जाता है, तो योग्य उम्मीदवारों का मनोबल गिरना स्वाभाविक है। प्रशासन अब इस बात पर जोर दे रहा है कि परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।



