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मुजफ्फरपुर: आमगोला पुल पर मंडराया खतरा, चोरों ने लोहे की रेलिंग का बनाया निशाना

सुरक्षा के साथ खिलवाड़

मुजफ्फरपुर शहर को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण आमगोला पुल पर इन दिनों चोरों का आतंक बढ़ गया है। करीब 700 मीटर लंबे इस पुल की सुरक्षा के लिए लगाई गई लोहे की रेलिंग और उसके स्टैंड लगातार चोरी हो रहे हैं। हरिसभा चौक के पास का इलाका इस चोरी से सबसे अधिक प्रभावित है, जहां से 10 मीटर लंबी रेलिंग और उसके मजबूत स्टैंड गायब कर दिए गए हैं।

बढ़ रहा है हादसों का जोखिम

विशेषज्ञों का मानना है कि पुल पर लगी लोहे की रेलिंग केवल दिखावट के लिए नहीं, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से बेहद जरूरी है। इसके मुख्य उद्देश्य इस प्रकार हैं:

  • वाहन सुरक्षा: किसी भी आपात स्थिति या दुर्घटना के दौरान यह रेलिंग वाहनों को पुल से नीचे गिरने से रोकने में एक सुरक्षा कवच का काम करती है।
  • पैदल यात्रियों की सुविधा: पुल से गुजरने वाले राहगीरों के लिए यह रेलिंग सहारा प्रदान करती है, जिससे पैदल चलना सुरक्षित हो जाता है।
  • रखरखाव में सहायक: पुल की मरम्मत और पेंटिंग के समय सीढ़ी लगाने और अन्य कार्यों के लिए यह रेलिंग एक मजबूत आधार प्रदान करती है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस चोरी के पीछे नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों का गिरोह सक्रिय है, जो लोहे के सामान को कबाड़ में बेचकर अपनी जरूरतें पूरी कर रहे हैं। पुल के कई हिस्सों में स्टैंड को उखाड़ने की कोशिशें भी देखी गई हैं, जिससे पूरा ढांचा कमजोर होता जा रहा है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

आमगोला पुल का निर्माण पुल निर्माण निगम द्वारा किया गया था। यह पुल शहर के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी है। हालांकि, इस पुल का इतिहास दुखद रहा है। 16 फरवरी 2009 को निर्माण कार्य के दौरान गर्डर गिरने से चार लोगों की जान चली गई थी और कई अन्य घायल हुए थे। अब, रेलिंग चोरी होने से एक बार फिर इस पुल की सुरक्षा पर सवालिया निशान लग गए हैं।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

इस मामले पर पुल निर्माण निगम के सीनियर प्रोजेक्ट इंजीनियर आलोक कुमार ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है और वे इस पर आवश्यक कदम उठाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुल का मेंटेनेंस पथ निर्माण विभाग के अधीन आता है, जबकि स्ट्रक्चरल डिफेक्ट की जिम्मेदारी पुल निर्माण निगम की है। स्थानीय लोग अब जल्द से जल्द रेलिंग की मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने की मांग कर रहे हैं ताकि किसी बड़ी अनहोनी को टाला जा सके।


अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।

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