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मुजफ्फरपुर के पारू में 700 एकड़ औद्योगिक क्षेत्र के लिए भूमि अधिग्रहण शुरू: किसानों से दावा-आपत्ति आमंत्रित

मुजफ्फरपुर के पारू में प्रस्तावित वृहद औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इस परियोजना के लिए कुल 700 एकड़ भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया अब तेज हो गई है, जिसके तहत शनिवार से किसानों और रैयतों से दावा-आपत्ति प्राप्त करना शुरू कर दिया गया है। जिला भू-अर्जन कार्यालय ने इसके लिए एक विस्तृत तिथिवार कार्यक्रम जारी किया है।

यह औद्योगिक क्षेत्र बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (बियाडा) के माध्यम से विकसित किया जाएगा और इस पर अनुमानित 250 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस पहल से क्षेत्र में नए उद्योगों की स्थापना होगी, जिससे स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।

दावा-आपत्ति और मुआवजा प्रक्रिया

जिला भू-अर्जन कार्यालय ने रैयतों से दावा-आपत्ति स्वीकार करने के लिए शनिवार, सोमवार और बुधवार का दिन निर्धारित किया है। जिला प्रशासन ने संबंधित गांवों में मुनादी पिटवाकर और नोटिस जारी कर किसानों को इस प्रक्रिया की पूर्व सूचना दे दी है। यह कदम सुनिश्चित करेगा कि सभी प्रभावित किसानों को अपनी आपत्तियां दर्ज कराने का पर्याप्त अवसर मिले।

अधिकारियों के अनुसार, भूमि अधिग्रहण के रिकॉर्ड में किसी भी त्रुटि या बंटवारे से संबंधित आपत्तियों का निस्तारण करने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। आपत्तियों के समाधान के उपरांत, जमीन का अंतिम मूल्यांकन किया जाएगा और फिर सीधे मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया शुरू होगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों को बाजार दर से चार गुना तक मुआवजा देने का कानूनी प्रावधान है। इसके अतिरिक्त, अधिग्रहण क्षेत्र में आने वाले मकानों और वृक्षों का भी अलग से मूल्यांकन कर भुगतान किया जाएगा।

अधिग्रहण क्षेत्र और विकास योजना

यह औद्योगिक क्षेत्र पारू के पांच मौजों में फैला होगा। इनमें चांदपुर चिउटाहा में 250 एकड़, चतुरपट्टी में 150 एकड़, हरपुर कपरफोरा में 120 एकड़, भोजपट्टी में 95 एकड़ और विशुनपुर सरैया में 85 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।

अधिग्रहित की गई इन जमीनों पर औद्योगिक शेड, सड़कें, बिजली और पानी जैसी आवश्यक आधारभूत संरचनाएं विकसित की जाएंगी। इन सुविधाओं के तैयार होने से न केवल नए उद्योगों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी, बल्कि यह पश्चिमी मुजफ्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों के आर्थिक विकास को भी गति प्रदान करेगा। यह परियोजना क्षेत्र के लिए एक नई आर्थिक क्रांति का सूत्रपात कर सकती है।


अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।

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