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मुजफ्फरपुर के सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी को अमेरिका में मिलेगा ‘द एशियन हीरो अवार्ड’

मुजफ्फरपुर के सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी को अमेरिका में प्रतिष्ठित ‘द एशियन हीरो अवार्ड’ से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उन्हें उत्कृष्ट लोकसेवा, नेतृत्व क्षमता, ईमानदारी और समाज कल्याण के प्रति उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया जा रहा है। यह घोषणा आयोजक संस्था एसोसिएशन ऑफ वर्ल्ड फेयर एंड फेस्ट यूएसए इंक ने की है।

यह सम्मान समारोह 13 दिसंबर, 2026 को फ्लोरिडा के टाम्पा में आयोजित होने वाले सातवें वर्ल्ड फेयर एंड फेस्ट-2026 के दौरान प्रदान किया जाएगा। मोहिबुल्लाह अंसारी को इस कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में भी आमंत्रित किया गया है, जो टाम्पा के शेरेटन टाम्पा ब्रैंडन होटल में होगा।

प्री-बोर्ड में असफलता से IPS बनने तक का सफर

मोहिबुल्लाह अंसारी का जीवन सफर प्रेरणादायक रहा है। मूल रूप से बिहार के सीवान जिले के निवासी मोहिबुल्लाह ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा में कई चुनौतियों का सामना किया। 10वीं और 12वीं के प्री-बोर्ड परीक्षाओं में उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा था। इसी दौरान उनके पिता की एक बात ने उनके जीवन की दिशा बदल दी। पिता ने उनकी खराब रिपोर्ट देखकर कहा था, “आईआईटी जाने का सपना देख रहे हो, पहले पास होने लायक नंबर तो लेकर आओ।”

पिता के इन शब्दों ने मोहिबुल्लाह को पढ़ाई के प्रति गंभीर होने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद उन्होंने कड़ी मेहनत की और जेईई मेन तथा जेईई एडवांस्ड की परीक्षाएँ सफलतापूर्वक पास कीं। वर्ष 2011 में उन्होंने आईआईटी दिल्ली में केमिकल इंजीनियरिंग में बीटेक में दाखिला लिया।

कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ सिविल सेवा की राह

आईआईटी से अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद, मोहिबुल्लाह अंसारी ने कॉर्पोरेट सेक्टर में नौकरी शुरू की। हालांकि, कुछ ही समय बाद उन्होंने इस नौकरी को छोड़कर सिविल सेवा में जाने का फैसला किया। वर्ष 2015 में वे दिल्ली चले गए और यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी।

शुरुआती प्रयासों में उन्हें असफलता मिली। लगातार तीन बार असफल होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। अपनी दृढ़ता और अथक परिश्रम के बल पर, वर्ष 2021 में उन्होंने यूपीएससी परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 381 हासिल की और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के लिए चयनित हुए।

वर्तमान में मोहिबुल्लाह अंसारी मुजफ्फरपुर के सिटी एसपी के पद पर कार्यरत हैं। उनकी कहानी यह दर्शाती है कि असफलता किसी भी लक्ष्य का अंत नहीं होती, बल्कि सही दिशा में की गई मेहनत और लगन से सफलता अवश्य प्राप्त की जा सकती है। अमेरिका में मिलने वाला यह सम्मान उनकी कड़ी मेहनत और जनसेवा के प्रति उनके समर्पण का एक और प्रमाण है।


अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।

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