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मुजफ्फरपुर: नए डिग्री कॉलेजों में दाखिले तो हुए, पर पढ़ाई का अता-पता नहीं

अधर में लटकी हजारों छात्रों की पढ़ाई

मुजफ्फरपुर में राज्य सरकार द्वारा खोले गए नए डिग्री कॉलेजों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। बीआरए बिहार विश्वविद्यालय (BRABU) के अंतर्गत खुले 39 नए कॉलेजों में दाखिला लेने वाले छात्र अब अपनी पढ़ाई शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन हकीकत यह है कि इन शिक्षण संस्थानों में अभी तक एक भी शिक्षक की नियुक्ति नहीं हो पाई है।

शिक्षकों और संसाधनों का घोर अभाव

इन नए कॉलेजों में शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन के लिए बुनियादी ढांचा पूरी तरह नदारद है। स्थिति यह है कि कॉलेजों में केवल प्राचार्य और बर्सर की तैनाती की गई है, जबकि शिक्षकेतर कर्मचारियों के बिना प्रशासनिक कामकाज ठप पड़ा है। कई कॉलेजों में अभी तक छात्रों के बैठने के लिए बेंच और डेस्क तक की व्यवस्था नहीं हो सकी है।

दाखिले को लेकर छात्रों और अभिभावकों में संशय

कॉलेजों की बदहाली का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई संस्थानों में अब तक केवल एक ही दाखिला हो पाया है। स्थानीय स्तर पर इन कॉलेजों के प्रति जागरूकता की कमी और संसाधनों के अभाव के कारण अभिभावक अपने बच्चों का नामांकन कराने से कतरा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, एक छात्र का दाखिला सुनिश्चित करने के लिए प्राचार्यों को घंटों तक अभिभावकों को समझाना पड़ा। पूरे विश्वविद्यालय क्षेत्र में अब तक मात्र 250 से 300 दाखिले ही हो पाए हैं।

विषयों का चयन और भविष्य की चुनौतियां

इन कॉलेजों में हिंदी, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, इतिहास, राजनीति विज्ञान और समाजशास्त्र विषयों की पढ़ाई प्रस्तावित है। हालांकि, छात्रों का रुझान केवल हिंदी, इतिहास और राजनीति विज्ञान की ओर ही दिख रहा है, जबकि अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र और अंग्रेजी में नामांकन की संख्या नगण्य है।

प्रशासन का क्या है रुख?

विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि सरकार से निर्देश मिलते ही कक्षाएं शुरू कर दी जाएंगी। हालांकि, सरकार ने तैयारी पूरी न होने के कारण कक्षाओं के संचालन की तारीख को टाल दिया है। जब तक शिक्षकों की बहाली और बुनियादी सुविधाओं का इंतजाम नहीं होता, तब तक इन नए कॉलेजों का भविष्य अधर में ही लटका रहेगा। छात्र और उनके परिजन अब सरकार से जल्द से जल्द व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग कर रहे हैं ताकि उनका शैक्षणिक सत्र बर्बाद न हो।


अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।

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