मुजफ्फरपुर में ‘डिजिटल अरेस्ट’ गिरोह का पर्दाफाश: लाखों की ठगी करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, 2.64 लाख रुपये कराए गए फ्रीज
मुजफ्फरपुर साइबर थाना पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर लोगों को लाखों रुपये का चूना लगा रहा था। इस मामले में अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें से एक उत्तर प्रदेश और दूसरा बांका जिले का निवासी है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़िता के ठगे गए 2.64 लाख रुपये से अधिक की राशि को फ्रीज करा दिया है, जिसे वापस दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पुलिस और सीबीआई अधिकारी बनकर करते थे ठगी
साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह गिरोह खुद को पुलिस या सीबीआई अधिकारी बताकर लोगों को धमकाता था। वे पीड़ितों को उनके परिवार के किसी सदस्य की फर्जी गिरफ्तारी का डर दिखाकर या कानूनी कार्रवाई की धमकी देकर ठगी करते थे। मुजफ्फरपुर की रागिनी देवी भी इस गिरोह का शिकार बनीं।
रागिनी देवी को ‘डिजिटल अरेस्ट’ और कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर उनके बैंक खाते से 3,47,999 रुपये ठग लिए गए थे। उन्होंने 8 सितंबर 2026 को साइबर थाने में इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी।
विशेष टीम ने किया गिरोह का पर्दाफाश
एसएसपी मुजफ्फरपुर के निर्देश पर इस मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम ने तकनीकी विश्लेषण, कॉल रिकॉर्ड और बैंक खातों की गहन जांच के आधार पर इस गिरोह का पर्दाफाश किया।
गहन जांच के बाद, टीम ने सबसे पहले इस साइबर अपराध में इस्तेमाल किए गए बैंक खाते के धारक टीपू कुशवाहा को चिन्हित किया। टीपू कुशवाहा, जो उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले का रहने वाला है, उसे पुलिस ने 12 अक्टूबर 2026 को देवरिया से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से ठगी में इस्तेमाल किया गया मोबाइल भी बरामद हुआ। उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
इसी कड़ी में आगे बढ़ते हुए, विशेष टीम ने 17 अक्टूबर 2026 को इस मामले में संलिप्त एक अन्य खाताधारक केवल प्रिंस कुमार को बांका जिले से गिरफ्तार किया।
9 राज्यों में 14 शिकायतें दर्ज, बड़ी रकम फ्रीज
डीएसपी ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों का नेटवर्क काफी बड़ा है। उनके बैंक खातों की जांच करने पर पता चला कि देश के 9 राज्यों में उनके खिलाफ कुल 14 साइबर शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता यह रही कि पीड़िता रागिनी देवी के खाते से ठगी गई कुल राशि में से 2,64,748 रुपये को तुरंत कार्रवाई करते हुए होल्ड (फ्रीज) करा दिया गया है। इस राशि को पीड़िता को वापस दिलाने के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अब इस घटना में शामिल अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है।
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