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मुजफ्फरपुर में डिजिटल क्रांति: पैक्स अब बन रहे ग्रामीणों के लिए ‘स्मार्ट सेंटर’

ग्रामीणों की सहूलियत के लिए पैक्स का डिजिटल कायाकल्प

मुजफ्फरपुर के ग्रामीण इलाकों में अब सरकारी सुविधाओं के लिए ब्लॉक या जिला मुख्यालय के चक्कर काटने की मजबूरी खत्म हो रही है। जिले की प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्स) को अब ‘कॉमन सर्विस सेंटर’ (सीएससी) के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे गांव के लोगों को उनके दरवाजे पर ही डिजिटल सेवाएं मिल सकें।

आंकड़ों में प्रगति

सहकारिता विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले में कुल 385 पैक्स हैं। इनमें से 223 पैक्स को सीएससी आईडी आवंटित की जा चुकी है। राहत की बात यह है कि इनमें से 203 केंद्रों ने अपनी सेवाएं सक्रिय रूप से शुरू कर दी हैं। इस पहल का सीधा लाभ उन ग्रामीणों को मिल रहा है जो अब तक छोटे-मोटे ऑनलाइन काम के लिए दूरदराज के केंद्रों पर निर्भर थे।

प्रखंडवार स्थिति: कौन आगे, कौन पीछे?

जिले के विभिन्न प्रखंडों में इस योजना की गति अलग-अलग है। कुढ़नी प्रखंड इस मामले में सबसे आगे निकल गया है। कुढ़नी में 39 में से 29 पैक्स को आईडी मिली है, जिनमें से 27 केंद्र पूरी तरह से काम कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, औराई और मड़वन प्रखंडों में काम की रफ्तार काफी धीमी है। औराई में 26 में से केवल 2 और मड़वन में 14 में से महज 3 पैक्स को ही आईडी मिल पाई है। मड़वन में तो स्थिति यह है कि अभी केवल एक ही केंद्र सुचारू रूप से चल रहा है।

क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी?

पैक्स के सीएससी केंद्रों पर ग्रामीणों को कई महत्वपूर्ण सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी। इनमें प्रमुख हैं:

  • सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के लिए आवेदन।
  • जाति, आवासीय और आय प्रमाण पत्र बनवाना।
  • बैंकिंग और वित्तीय लेन-देन की सुविधा।
  • बीमा संबंधी सेवाएं।
  • अन्य आवश्यक डिजिटल दस्तावेज।

आगे की राह

जिला सहकारिता पदाधिकारी प्रशांत कुमार ने बताया कि सरकार का लक्ष्य जिले के सभी 385 पैक्स को सीएससी से जोड़ना है। जो 162 पैक्स अभी इस सेवा से नहीं जुड़ पाए हैं, उन्हें चरणबद्ध तरीके से शामिल किया जाएगा। साथ ही, जिन 20 केंद्रों की आईडी फिलहाल निष्क्रिय है, उनकी समीक्षा कर उन्हें जल्द सक्रिय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह पहल न केवल ग्रामीणों का समय बचाएगी, बल्कि पैक्स की आय के स्रोतों को भी मजबूती प्रदान करेगी।


अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।

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