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मुजफ्फरपुर में फर्जी म्यूटेशन रैकेट का भंडाफोड़: निलंबित सीओ और राजस्व अधिकारी गिरफ्तार, विधायक समेत 9 पर आरोप

मुजफ्फरपुर में पुश्तैनी जमीन के फर्जी दाखिल-खारिज और भू-माफियाओं से सांठगांठ के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। इस प्रकरण में निलंबित मुशहरी अंचलाधिकारी (सीओ) महेंद्र कुमार शुक्ला और राजस्व अधिकारी करुण कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले में बेलसंड के विधायक अमित कुमार रानू सहित कुल नौ लोगों पर आपराधिक साजिश रचने का आरोप है।

यह पूरा मामला केंद्र सरकार के सेवानिवृत्त अवर सचिव विजय कुमार की 70 डिसमिल पुश्तैनी जमीन से जुड़ा है। विजय कुमार ने 29 अगस्त को अहियापुर थाने में एक प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने अपनी पुश्तैनी जमीन के कथित फर्जी म्यूटेशन का आरोप लगाया था। शिकायत के अनुसार, उनके पिता दिवंगत जितेंद्र प्रसाद शाही और दादा योगेंद्र प्रसाद शाही के नाम पर खाता संख्या 53 और खेसरा संख्या 403 में दर्ज 70 डिसमिल जमीन को कूटरचित दस्तावेजों के जरिए हड़पने की कोशिश की गई।

शिकायतकर्ता विजय कुमार ने बताया कि वैशाली जिले के सलेमपुर कुचुनदास कोर्ट निवासी कृष्ण नंदन पासवान ने निबंधन कार्यालय के दस्तावेजों का हवाला देते हुए खुद को इस जमीन का खरीदार बताया। हालांकि, जब विजय कुमार ने निबंधन कार्यालय से दस्तावेजों का सत्यापन कराया, तो पता चला कि संबंधित दस्तावेज संख्या किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर दर्ज है और उसका इस जमीन से कोई संबंध नहीं है। इसके बावजूद, मुशहरी अंचल कार्यालय के कर्मियों की मिलीभगत से इस जमीन का अवैध तरीके से दाखिल-खारिज कर जमाबंदी कायम कर दी गई।

आरोप है कि फर्जी तरीके से दाखिल-खारिज कराने के बाद भू-माफियाओं ने इस जमीन को अभिनव कुमार, अरविंद कुमार मेहता और तुषार सिंह जैसे अन्य लोगों के नाम पर बेचना शुरू कर दिया। इन लोगों के नाम पर जमीन बेचने के बाद दोबारा दाखिल-खारिज कराने का भी प्रयास किया गया।

इस मामले में कुल नौ लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। इनमें बेलसंड के विधायक अमित कुमार रानू, उनके भाई अभिनव कुमार, तत्कालीन सीओ महेंद्र कुमार शुक्ला, राजस्व अधिकारी करुण कुमार, अंचल कर्मी सुनील कुमार और अनुज कुमार शामिल हैं। इन सभी पर आपसी सांठगांठ और आपराधिक साजिश के तहत फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दाखिल-खारिज की प्रक्रिया को अंजाम देने का आरोप है।

गिरफ्तारी के बाद सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी और अहियापुर थानेदार इंस्पेक्टर शरत कुमार सहित कई पुलिस पदाधिकारियों ने निलंबित सीओ महेंद्र कुमार शुक्ला से पूछताछ की। शुक्रवार देर शाम उन्हें सदर अस्पताल ले जाकर मेडिकल जांच कराई गई, जिसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश करने की प्रक्रिया शुरू की गई।

एसडीपीओ टाउन-2 के प्रभारी हिमांशु कुमार ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि फर्जी तरीके से केवाला कराकर जमीन हासिल करने के मामले में अहियापुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। उन्होंने बताया कि निलंबित मुशहरी अंचलाधिकारी महेंद्र कुमार शुक्ला और राजस्व अधिकारी करुण कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है, और अन्य फरार आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा रही है। यह घटना मुजफ्फरपुर में भूमि धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों पर गंभीर सवाल उठाती है और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी उंगली उठाती है।


अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।

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