मुजफ्फरपुर में शराब तस्करी का भंडाफोड़: यूपी से लाई जा रही 5 लाख की खेप के साथ दो गिरफ्तार
मुजफ्फरपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
बिहार में शराबबंदी कानून को धता बताने की कोशिशों के बीच मुजफ्फरपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। धरनी छापर चेकपोस्ट पर पुलिस ने सघन वाहन जांच के दौरान शराब की एक बड़ी खेप को जब्त किया है। इस कार्रवाई में दो तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है, जो उत्तर प्रदेश से अवैध रूप से शराब की तस्करी कर मुजफ्फरपुर ला रहे थे।
विशेष चैंबर में छिपाकर रखी गई थी शराब
थानाध्यक्ष राहुल कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम मैरवा-सीवान मुख्य मार्ग पर वाहनों की तलाशी ले रही थी। इसी दौरान एक ट्रक को संदेह के आधार पर रोका गया। पुलिस ने जब ट्रक की बारीकी से जांच की, तो केबिन के भीतर एक विशेष रूप से निर्मित गुप्त चैंबर मिला। इस चैंबर से अंग्रेजी शराब की 527 लीटर खेप बरामद की गई, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत करीब 5 लाख रुपये बताई जा रही है।
गिरफ्तार तस्करों से पूछताछ जारी
पुलिस की गिरफ्त में आए दोनों आरोपियों की पहचान मुजफ्फरपुर के जगदीशपुर कुशही निवासी रतन पासवान और संतोष पासवान के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान उन्होंने स्वीकार किया कि वे देवरिया (उत्तर प्रदेश) से यह खेप लेकर मुजफ्फरपुर की ओर जा रहे थे। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस तस्करी के पीछे कौन सा बड़ा गिरोह सक्रिय है और इस नेटवर्क में और कौन-कौन से लोग शामिल हैं।
कानूनी कार्रवाई और आगे की रणनीति
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राज्य में शराबबंदी को सख्ती से लागू करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। गिरफ्तार दोनों तस्करों के खिलाफ उत्पाद अधिनियम (Excise Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पुलिस का मानना है कि इन तस्करों से मिलने वाली जानकारी के आधार पर शराब माफियाओं के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सकेगा। स्थानीय स्तर पर इस तरह की कार्रवाई से शराब तस्करों में हड़कंप मच गया है।
अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।



