मुजफ्फरपुर में हार्डवेयर कारोबारी पर जानलेवा हमला: दुकान में घुसकर मारी गोली, जमीन विवाद बना वजह
शेरूकाही चौक पर दिनदहाड़े फायरिंग से फैली दहशत
मुजफ्फरपुर जिले के पानापुर करियात थाना क्षेत्र स्थित शेरूकाही चौक पर उस समय हड़कंप मच गया, जब हथियारबंद अपराधियों ने एक हार्डवेयर कारोबारी को निशाना बनाया। दुकान में घुसकर की गई इस फायरिंग में कारोबारी मुन्ना ठाकुर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। उनके हाथ में गोली लगी है, जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पिता बाल-बाल बचे
घटना के वक्त दुकान पर मुन्ना ठाकुर के पिता महेश ठाकुर भी मौजूद थे, जो पेशे से सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। अपराधियों ने जब अंधाधुंध फायरिंग शुरू की, तो महेश ठाकुर ने किसी तरह अपनी जान बचाई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गए। इस दौरान दहशत फैलाने के लिए उन्होंने हवा में भी कई राउंड गोलियां चलाईं।
जमीन विवाद से जुड़ी है रंजिश
प्राथमिक जांच में यह मामला जमीन विवाद से जुड़ा हुआ लग रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मुन्ना ठाकुर हार्डवेयर के साथ-साथ प्रॉपर्टी डीलिंग का काम भी करते थे। हाल ही में हुई कुछ बड़ी जमीनी सौदों के बाद से ही विवाद चल रहा था। पुलिस ने सुबोध तिवारी नामक व्यक्ति पर हमले का संदेह जताया है। घटना के बाद आरोपी पास के लीची के बगीचे में छिप गया था, जिसे पकड़ने के लिए पुलिस ने ड्रोन कैमरों की मदद से सर्च ऑपरेशन भी चलाया।
पुलिस की कार्रवाई
सूचना मिलते ही डीएसपी पश्चिमी सुचित्रा कुमारी और स्थानीय पुलिस बल घटनास्थल पर पहुंच गया। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं ताकि अपराधियों की सटीक पहचान हो सके। डीएसपी ने स्पष्ट किया है कि मामले की हर पहलू से बारीकी से जांच की जा रही है और जल्द ही सभी आरोपी कानून की गिरफ्त में होंगे। फिलहाल, इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और पुलिस ने ग्रामीणों को शांति बनाए रखने की अपील की है।
अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।



