रिश्वतखोरी का आरोप: हथौड़ी थाने का जमादार फरार, निगरानी विभाग ने दर्ज की FIR
मुजफ्फरपुर के हथौड़ी थाने में तैनात जमादार रामप्रवेश प्रसाद के खिलाफ निगरानी विभाग ने रिश्वत मांगने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है। उन पर एक महिला उत्पीड़न के मामले को रफा-दफा करने के लिए 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है। यह कार्रवाई डकरामा निवासी 80 वर्षीय रामविलास सहनी की शिकायत पर की गई, जिन्होंने निगरानी विभाग से संपर्क किया था।
निगरानी विभाग की टीम ने जमादार को रंगेहाथ पकड़ने के लिए जाल बिछाया था। टीम जगरनाथ ढाला पहुंची, जहां जमादार को रिश्वत लेते हुए पकड़ा जाना था, लेकिन कार्रवाई की भनक लगते ही आरोपी जमादार मौके से फरार हो गया। यह घटना 17 अगस्त को हुई, जिसके बाद निगरानी थाने में एफआईआर दर्ज की गई।
क्या है पूरा मामला?
रामविलास सहनी ने निगरानी टीम को बताया कि उनकी बहू ने 10 जुलाई को हथौड़ी थाने में मारपीट और प्रताड़ना का एक मामला दर्ज कराया था। इस एफआईआर में रामविलास सहनी, उनके बेटे, सौतन और बहू की सास को आरोपी बनाया गया था। रामविलास सहनी ने इस मामले में कोर्ट से जमानत भी ले ली थी।
इसके बावजूद, 11 अगस्त को केस के अनुसंधान अधिकारी (आईओ) रामप्रवेश प्रसाद ने रामविलास सहनी को कोआही चौक पर बुलाया। आरोप है कि यहीं पर जमादार ने उनसे केस को खत्म करने के एवज में 10 हजार रुपये की मांग की। रामविलास सहनी ने पैसे की व्यवस्था करने की बात कहकर वहां से चले गए और सीधे निगरानी विभाग से शिकायत की।
निगरानी विभाग की कार्रवाई
रामविलास सहनी की शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने मामले का सत्यापन कराया। निगरानी एसपी ने प्रथमदृष्टया आरोपों को सही पाया। इसके बाद उन्होंने जमादार रामप्रवेश प्रसाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। इंस्पेक्टर अमित कुमार मिश्र को इस मामले का अनुसंधान अधिकारी नियुक्त किया गया।
एफआईआर दर्ज होने के बाद, निगरानी विभाग ने जमादार को रिश्वत लेते हुए पकड़ने के लिए एक सुनियोजित जाल बिछाया। हालांकि, जमादार को इस कार्रवाई की भनक लग गई और वह मौके से फरार होने में कामयाब रहा।
फरार होने के बाद भी दबाव बनाने का आरोप
रामविलास सहनी का आरोप है कि निगरानी की कार्रवाई की भनक लगने और जमादार के फरार होने के बाद भी, आरोपी जमादार उन्हें थाने बुलाकर पैसे देने का दबाव बना रहा है। रामविलास सहनी ने बताया कि वह फिलहाल मथुरा में हैं।
इस संबंध में हथौड़ी थानाध्यक्ष सत्यनारायण शर्मा ने बताया कि उन्हें निगरानी विभाग द्वारा दर्ज की गई इस एफआईआर के बारे में अब तक कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि जानकारी मिलने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। यह मामला स्थानीय पुलिस प्रशासन में रिश्वतखोरी के आरोपों को उजागर करता है और निगरानी विभाग की सक्रियता को दर्शाता है।
अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।



