चंदवारा पुल निर्माण में गंभीर अनियमितता: ठेकेदार दो साल के लिए ब्लैकलिस्टेड
मुजफ्फरपुर में बूढ़ी गंडक नदी पर बन रहे चंदवारा पुल के निर्माण में गंभीर तकनीकी खामियां पाए जाने के बाद राज्य पुल निर्माण निगम ने बड़ा कदम उठाया है। निर्माण कार्य में लापरवाही और मानकों का उल्लंघन करने के आरोप में ठेकेदार मेसर्स गणेश कृष्ण कुमार डोकानिया, बांका को अगले दो वर्षों के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। यह प्रतिबंध 26 जुलाई 2028 तक प्रभावी रहेगा, जिसके तहत ठेकेदार किसी भी नए टेंडर में भाग नहीं ले पाएगा।
यह मामला तब सामने आया जब जगन्नाथ मिश्रा कॉलेज के पास सोडा गोदाम चौक और अहियापुर के बीच निर्माणाधीन उच्चस्तरीय आरसीसी पुल और पहुंच पथ के निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठे। स्थानीय लोगों और जन प्रतिनिधियों ने पुल की रेलिंग क्षतिग्रस्त होने सहित कई गड़बड़ियों की शिकायत की थी। इन शिकायतों के बाद सीनियर क्वालिटी कंट्रोल इंजीनियर और अन्य अधिकारियों की एक संयुक्त जांच टीम गठित की गई।
जांच में मिलीं व्यापक गड़बड़ियां
जांच के दौरान निर्माण कार्य में व्यापक अनियमितताएं पाई गईं। रिबाउंड हैमर टेस्ट में भी निर्माण सामग्री में खामियां उजागर हुईं। जांच रिपोर्ट में विशेष रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर गड़बड़ी की पुष्टि हुई:
- पिलर 10 के सॉफ्ट कैप और वेल कैप में स्टील दिखाई दे रहा था, जो निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
- पिलर 11 में ए2 गर्डर और पिलर 10 व 11 के गर्डर में हेयर क्रैक यानी हल्की दरारें मिलीं।
- सभी स्पैन में उचित जल निकासी (ड्रेनेज) स्पॉट का अभाव पाया गया, जिससे भविष्य में पुल की संरचना को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
जांच रिपोर्ट में गड़बड़ियों के साथ-साथ ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की भी अनुशंसा की गई थी। इसके बाद, पुल निर्माण निगम ने 13 जुलाई को ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया। ठेकेदार ने 18 जुलाई को अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया, लेकिन पटना के कार्य अंचल-एक के उप मुख्य अभियंता ने इस स्पष्टीकरण को अमान्य करते हुए खारिज कर दिया और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा को बरकरार रखा।
निगम के प्रबंध निदेशक के आदेश के बाद यह कार्रवाई की गई है, जो निर्माण परियोजनाओं में गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि सार्वजनिक परियोजनाओं में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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