स्थानीय

दशहरा पर भी नहीं मिला वेतन: बीआरएबीयू के अतिथि शिक्षकों में गहरा आक्रोश, त्योहार फीका

मुजफ्फरपुर। बीआरए बिहार विश्वविद्यालय (बीआरएबीयू) के अतिथि शिक्षकों में वेतन न मिलने के कारण गहरा आक्रोश है। दशहरा जैसे बड़े त्योहार पर भी वेतन का भुगतान न होने से शिक्षकों की नाराजगी चरम पर है। शिक्षकों का कहना है कि अगस्त और सितंबर दोनों महीनों का वेतन अभी तक जारी नहीं किया गया है, जिसके चलते उनका त्योहार फीका पड़ गया है।

अतिथि शिक्षकों ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा विश्वविद्यालय को राशि आवंटित किए जाने के बावजूद, विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनके वेतन का भुगतान नहीं किया है। इस लापरवाही से शिक्षकों में भारी निराशा है, खासकर ऐसे समय में जब उन्हें त्योहारों के लिए पैसों की सख्त जरूरत थी।

वेतन न मिलने से आर्थिक संकट

शिक्षकों का कहना है कि लगातार दो महीने से वेतन न मिलने के कारण उन्हें गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। परिवार का गुजारा चलाना और बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाना मुश्किल हो गया है। त्योहारों के मौसम में यह स्थिति और भी विकट हो गई है, जब हर घर में खुशियां मनाई जा रही हैं, वहीं अतिथि शिक्षक वेतन के इंतजार में मायूस हैं।

शिक्षकों ने बताया कि वे कई बार विश्वविद्यालय प्रशासन से इस संबंध में गुहार लगा चुके हैं, लेकिन उनकी समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उनका आरोप है कि सरकार से फंड मिलने के बावजूद जानबूझकर उनके वेतन को रोका जा रहा है। यह स्थिति अतिथि शिक्षकों के मनोबल को गिरा रही है और उनके शैक्षणिक कार्यों पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल रही है।

विश्वविद्यालय प्रशासन पर सवाल

इस मामले ने विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब सरकार द्वारा राशि जारी कर दी गई है, तो फिर अतिथि शिक्षकों का वेतन क्यों रोका गया है? इस देरी के पीछे क्या कारण हैं, यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। शिक्षकों ने मांग की है कि विश्वविद्यालय प्रशासन तुरंत इस मामले में हस्तक्षेप करे और उनके बकाया वेतन का भुगतान सुनिश्चित करे।

अतिथि शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। उनका कहना है कि वे अब और इंतजार नहीं कर सकते और अपने अधिकारों के लिए हर संभव कदम उठाएंगे। इस स्थिति से विश्वविद्यालय में शैक्षणिक माहौल भी प्रभावित होने की आशंका है।


अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Back to top button