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मुजफ्फरपुर: इंस्टाग्राम बना अपराध का नया अड्डा, युवा फंस रहे प्यार, ब्लैकमेलिंग और गन कल्चर के जाल में

मुजफ्फरपुर में इंस्टाग्राम, जो कभी खूबसूरत पलों को साझा करने का माध्यम था, अब अपराध का नया गढ़ बन गया है। प्यार, ब्लैकमेलिंग, साइबर ठगी, गन कल्चर और यहां तक कि हत्या जैसे गंभीर अपराधों का जाल इंस्टाग्राम के माध्यम से तेजी से फैल रहा है, जिसमें खासकर युवा वर्ग फंस रहा है। दोस्ती की शुरुआत अक्सर स्टोरीज और डायरेक्ट मैसेज (DM) से होती है, लेकिन इसका अंत थाने और कोर्ट तक पहुंच रहा है।

फेमस होने की चाहत में युवा गलत कदम उठा रहे हैं। कुछ अपराधी बन रहे हैं तो कुछ एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर में उलझ रहे हैं। वहीं, खूबसूरत प्रोफाइल वाली हसीनाओं के जाल में फंसकर लोग अपनी जीवन भर की जमा पूंजी गंवा रहे हैं। स्कूल और कॉलेज की लड़कियां इंस्टाग्राम पर प्यार के चक्कर में पड़कर यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग का शिकार हो रही हैं। पिछले तीन सालों में जिले में सोशल मीडिया से जुड़े अपराधों की संख्या चौंकाने वाली है, जिनमें से अधिकांश की शुरुआत इंस्टाग्राम से हुई है।

अपराधियों के नए हथियार: फेक प्रोफाइल और दिखावा

अपराधी अब फेक प्रोफाइल, नकली नामों और महंगी जीवनशैली का दिखावा करके लोगों का भरोसा जीतते हैं। पुलिस इसे डिजिटल क्राइम का एक नया मोर्चा मान रही है। 2025 में सदर थाने में दर्ज एक प्राथमिकी में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी पर गंभीर आरोप लगाए थे। उसने बताया कि पत्नी को इंस्टाग्राम पर किसी और पुरुष से बात करने से मना करने पर उसे तीन दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया था।

गन कल्चर रील्स और आपराधिक संपर्क

शहर के पॉश इलाकों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक, इंस्टाग्राम पर गन कल्चर वाली रील्स का चलन बढ़ गया है। खलनायक वाले संगीत के साथ हाथ में लोडेड देसी कट्टा दिखाते हुए युवा न केवल शौक पूरा कर रहे हैं, बल्कि वर्चस्व की लड़ाई का ऐलान भी कर रहे हैं। इस रीलबाजी के चक्कर में मुजफ्फरपुर के कई युवा सुपारी किलर और हथियार तस्करों के सीधे संपर्क में आ गए हैं। पिछले 15 महीनों में जिला पुलिस ने हथियार के साथ रील्स बनाने वाले एक दर्जन से अधिक लड़कों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।

डिजिटल साक्षरता की कमी और गंभीर परिणाम

जिले में इंटरनेट और स्मार्टफोन की पहुंच तेजी से बढ़ी है, लेकिन डिजिटल साक्षरता उस रफ्तार से नहीं बढ़ी है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं फेमस होने की चाहत में इंस्टाग्राम पर रील्स बना रही हैं और अक्सर एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर में फंस जाती हैं। इसके बाद ब्लैकमेलिंग, शोषण और कई बार हत्या तक की नौबत आ जाती है।

  • नगर थाना क्षेत्र की निशु कुमारी ने इंस्टाग्राम पर प्रेमी के साथ रील्स पोस्ट करने के विवाद में अपने पति की हत्या कर दी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।
  • भगवानपुर के दो व्यवसायियों को इंदौर की एक महिला ने इंस्टाग्राम पर फंसाकर डिजिटल गोल्ड में निवेश के नाम पर 85 लाख रुपये ठग लिए। इससे पहले अहियापुर के एक व्यवसायी से 30 लाख रुपये की ठगी हुई थी।
  • सदर थाना क्षेत्र की एक निजी स्कूल की शिक्षिका का कथित पति इंस्टाग्राम पर फर्जी आईडी बनाकर उसके वीडियो और फोटो वायरल कर रहा था।
  • अहियापुर से अपहृत महिला और उसके तीन बच्चों की हत्या में भी इंस्टाग्राम एंगल सामने आया था, जिसमें मृतका के पति ने इंस्टा आईडी पुलिस को दी थी।

तत्कालीन साइबर डीएसपी सीमा देवी ने अपने कार्यकाल में इंस्टाग्राम पर फंसी 250 से अधिक स्कूल और कॉलेज की छात्राओं की मदद की थी। अधिकांश मामलों में लड़कियों को फोटो एडिट करके ब्लैकमेल किया जा रहा था। मनोचिकित्सक डॉ. एके झा के अनुसार, इंस्टाग्राम का लाइक और कमेंट सिस्टम दिमाग में डोपामिन रिलीज करता है, और पर्याप्त अटेंशन न मिलने पर लोग इंस्टेंट फेम या ध्यान खींचने के लिए विवादित या आपराधिक गतिविधियों की ओर मुड़ जाते हैं।


अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।

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