मुजफ्फरपुर जेल परिसर में खुलेगा अत्याधुनिक पेट्रोल पंप: बंदियों को मिलेगा रोजगार, आय से होगा जेल का विकास
मुजफ्फरपुर के शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा परिसर में जल्द ही इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) का एक नया पेट्रोल पंप खुलने जा रहा है। यह परियोजना न केवल शहरवासियों को ईंधन की सुविधा प्रदान करेगी, बल्कि जेल प्रशासन के लिए राजस्व का एक नया स्रोत भी बनेगी और सबसे महत्वपूर्ण, बंदियों के पुनर्वास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
यह पेट्रोल पंप उस स्थान पर स्थापित किया जाएगा जहाँ पहले पुरानी बाजार नाका और बाद में मिठनपुरा थाना संचालित होता था। अगले तीन से चार महीनों में निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है, जिस पर अनुमानित तीन से पांच करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
जब्त वाहनों को हटाने के निर्देश
इस परियोजना के लिए जमीन चिह्नित होने के बाद, केंद्रीय कारा के अधीक्षक यूसुफ रिजवान ने मिठनपुरा थानाध्यक्ष अजय कुमार को एक आधिकारिक पत्र लिखा है। इसमें पुराने थाना परिसर में रखे जब्त वाहनों और अन्य सामान को जल्द से जल्द हटाने का निर्देश दिया गया है, ताकि निर्माण कार्य बिना किसी बाधा के शुरू हो सके। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की इंजीनियरिंग और प्रबंधन से जुड़ी तकनीकी टीम जल्द ही स्थल का निरीक्षण करेगी।
राज्यव्यापी पहल का हिस्सा
यह पहल राज्य सरकार के निर्देश पर मुजफ्फरपुर सहित प्रदेश की चार केंद्रीय काराओं की जमीन पर पेट्रोल पंप स्थापित करने की व्यापक योजना का हिस्सा है। इस योजना के तहत मुजफ्फरपुर और पूर्णिया में इंडियन ऑयल द्वारा पेट्रोल पंप लगाए जाएंगे। प्रत्येक पेट्रोल पंप के लिए लगभग 1,225 वर्ग फुट जमीन की आवश्यकता निर्धारित की गई है।
बंदियों को मिलेगा रोजगार और पुनर्वास का अवसर
इस परियोजना का एक महत्वपूर्ण पहलू बंदियों को रोजगार के अवसर प्रदान करना है। कारा पेट्रोलियम रिटेल आउटलेट संचालन नियमावली के तहत, पेट्रोल पंप के संचालन के लिए चार पारियों में न्यूनतम 50 कर्मियों की आवश्यकता होगी। जेल प्रशासन के अनुसार, पेट्रोल पंप पर उन्हीं बंदियों को ड्यूटी दी जाएगी जिनका आचरण और व्यवहार बेहतर रहा हो और जिनकी सजा की अवधि लगभग पूरी होने वाली हो।
- बंदियों को पारिश्रमिक मिलेगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
- यह उनके सामाजिक पुनर्वास में मदद करेगा, जिससे उन्हें समाज की मुख्यधारा में लौटने में आसानी होगी।
- पेट्रोल और डीजल की बिक्री से होने वाली आय पर जेल प्रशासन को कमीशन मिलेगा, जो सीधे संबंधित जेल प्रशासन के खाते में जमा होगा। यह राशि जेल के विकास और बंदियों के कल्याण पर खर्च की जाएगी।
भविष्य में सीएनजी पंप की भी योजना
जेल अधिकारियों के अनुसार, सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अगले तीन से चार महीनों में पेट्रोल पंप को चालू करने का लक्ष्य है। निर्माण कार्य शुरू होने से पहले पुराने थाना परिसर को पूरी तरह खाली कराया जाएगा। भविष्य में इस आधुनिक पेट्रोल पंप परिसर में सीएनजी पंप स्थापित करने की भी योजना है, जिससे मुजफ्फरपुर के लोगों को पेट्रोल, डीजल के साथ-साथ सीएनजी की सुविधा भी मिल सकेगी। यह परियोजना मुजफ्फरपुर के विकास में एक नया अध्याय जोड़ेगी और बंदियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगी।
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