मुजफ्फरपुर: बेटी का शव दफनाकर ऊपर लगाया आम का पौधा, डेढ़ महीने बाद खुला राज
मुजफ्फरपुर के जजुआर थाना क्षेत्र के डुमरी गांव में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक मां ने अपनी नाबालिग बेटी पलक कुमारी का शव दफनाकर उस पर आम का पौधा लगा दिया ताकि किसी को शक न हो। यह राज डेढ़ महीने बाद तब खुला जब पुलिस ने खेत की खुदाई कर शव को बरामद किया। पुलिस ने इस मामले में मां सहित तीन लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ जारी है।
पुलिस के अनुसार, पलक कुमारी के लापता होने का एक वीडियो लगभग 15 दिन पहले वायरल हुआ था। इसकी जांच करते हुए जजुआर पुलिस जब उसके घर पहुंची तो वहां ताला लगा मिला। पता चला कि परिवार राजस्थान गया हुआ है। दो दिन पहले परिवार के लौटने की सूचना मिलने पर पुलिस ने मां और उसकी मंझली बेटी को थाने बुलाया। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर बुधवार को कटरा के अंचलाधिकारी, जजुआर और कटरा थाने की पुलिस तथा एफएसएल की टीम की मौजूदगी में खेत में खुदाई की गई।
खेत में चारों ओर पानी और मिट्टी की स्थिति के कारण शव निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। करीब 7 घंटे की खुदाई के बाद पलक का शव प्लास्टिक में लिपटा हुआ बरामद किया गया। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और पुलिस मौत की असली वजह जानने के लिए रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
मां का दावा: प्रेम प्रसंग में खुदकुशी
पुलिस पूछताछ में मां ने दावा किया कि उसकी बेटी ने 1 सितंबर को प्रेम प्रसंग में अनबन के बाद खुदकुशी कर ली थी। इसके बाद उसने गांव के एक व्यक्ति और दो अन्य लोगों के साथ मिलकर शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। रात में खेत में गड्ढा खोदकर शव को प्लास्टिक में लपेटकर दफना दिया गया और अगले दिन भैरव स्थान से आम का पौधा लाकर उसी जगह लगा दिया गया। हालांकि, पुलिस मां के इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं कर पाई है।
पुलिस की जांच और स्थानीय लोगों के आरोप
जजुआर थानाध्यक्ष रौशन मिश्रा ने बताया कि आरोपियों ने पुलिस को गुमराह किया और शव को छिपाया। उन्होंने कहा कि हत्या के मामले में सभी को जेल भेजा जाएगा, हालांकि मौत की परिस्थितियों और आरोपियों की भूमिका की जांच जारी है।
स्थानीय लोगों ने भी इस मामले में कई आरोप लगाए हैं। गांव के चंद्र भूषण चौधरी ने बताया कि पलक के लापता होने के बाद से ही उसकी हत्या की आशंका थी और उन्होंने परिवार के व्यवहार को भी ठीक नहीं बताया। उपेंद्र चौधरी ने भी बताया कि शव नहीं मिलने के कारण मौत को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी, लेकिन अब पुलिस जांच से ही सच्चाई सामने आएगी।
जांच के प्रमुख बिंदु:
- हत्या या आत्महत्या: पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि पलक की मौत किन परिस्थितियों में हुई।
- शव छिपाने में कौन-कौन शामिल: मां के अलावा और किन लोगों की भूमिका थी, इसकी भी जांच की जा रही है। मंझली बेटी की भूमिका भी संदिग्ध है।
- अफेयर का एंगल: मां के दावे के साथ-साथ पुलिस मां की गांव के एक व्यक्ति से नजदीकी के एंगल से भी जांच कर रही है।
पलक तीन बहनों में सबसे छोटी थी और औराई थाना क्षेत्र के रामपुर स्थित एक निजी स्कूल में टीचर थी। उसके पिता की मानसिक स्थिति ठीक नहीं बताई गई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के सही कारण का खुलासा हो पाएगा। फिलहाल, मां समेत तीन लोग पुलिस हिरासत में हैं और आगे की कार्रवाई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
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