मुजफ्फरपुर में साइबर ठगी का जाल: वकील से 22.79 लाख की धोखाधड़ी, कई अन्य भी शिकार
मुजफ्फरपुर में साइबर अपराधियों का दुस्साहस लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा मामले में, यूनाइटेड किंगडम (यूके) की ट्रेडिंग में निवेश का झांसा देकर एक वकील से 22.79 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। कांटी थाना क्षेत्र के सदातपुर निवासी अधिवक्ता अशोक कुमार श्रीवास्तव ने इस संबंध में 30 जुलाई को साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
श्रीवास्तव ने पुलिस को बताया कि 12 मार्च 2025 को उन्होंने यूके के हार्दिक पटेल की सलाह पर 21 हजार रुपये का शुरुआती निवेश किया था। इसके बाद, यूके के ही सुशील बिड़ला और आशीष मिश्र नामक व्यक्तियों ने उन्हें बताया कि उनका निवेश बढ़ रहा है। उन्हें यह भी बताया गया कि 50 हजार रुपये भेजने पर वे अपना फंड निकाल सकते हैं। इस झांसे में आकर उन्होंने 30 जून 2025 को 50 हजार रुपये और भेजे।
इसके बाद, पहले सुशील और फिर रोहित कुमार ने उन्हें सूचित किया कि लंदन में उनका फंड बढ़कर 1.28 करोड़ रुपये हो गया है। रोहित ने बताया कि यह राशि उसके खाते में पाउंड में भेजी गई है, लेकिन कुछ ऐसी ट्रेडिंग हुई है जो भारत में वैध नहीं है, जिसके लिए उन्हें ‘पेनाल्टी’ देनी होगी। पेनाल्टी के नाम पर, रोहित और डामोर कुमार ने 7 जून 2025 से 13 अगस्त 2025 के बीच उनसे 22.79 लाख रुपये 11 अलग-अलग बैंक खातों में मंगवाए। उन्हें ई-रसीदें भी भेजी गईं, जो बाद में फर्जी निकलीं। इसके बावजूद, उनसे छह लाख रुपये की और मांग की गई। ठगी का एहसास होने पर अधिवक्ता ने और राशि नहीं भेजी और राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर इसकी शिकायत दर्ज कराई।
मोबाइल पोर्ट कर बैंक खातों से लाखों की निकासी
साइबर अपराधियों ने केवल निवेश के नाम पर ही नहीं, बल्कि मोबाइल नंबर पोर्टिंग और चोरी के माध्यम से भी लोगों को निशाना बनाया है।
- गायघाट में 9.37 लाख की ठगी: गायघाट थाना क्षेत्र के जारंग गोटोली गांव के दिग्विजय नारायण सिंह के मोबाइल नंबर को पोर्ट करके यूपीआई आईडी बनाई गई और उनके दो बैंक खातों से 9.37 लाख रुपये निकाल लिए गए। 3 जुलाई को हुई इस घटना में एसबीआई के रेडक्रॉस शाखा से 7 लाख 71 हजार 880 रुपये और सेंट्रल बैंक जारंग शाखा से 1 लाख 65 हजार 402 रुपये की अवैध निकासी की गई। उन्होंने 30 जुलाई को साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
- अहियापुर में 2 लाख रुपये गायब: अहियापुर थाना क्षेत्र के शहीद भगत सिंह चौक निवासी रामाबाबू यादव के बैंक ऑफ इंडिया के जीरोमाइल चौक शाखा के खाते से भी साइबर फ्रॉड गिरोह ने करीब दो लाख रुपये उड़ा लिए। 27 और 28 जुलाई को हुई इस निकासी का पता उन्हें 28 जुलाई को पे-फोन से बैलेंस चेक करने पर चला। उन्होंने 31 जुलाई को साइबर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि यह भुगतान रिपेयरिंग के लिए दिए गए मोबाइल के गोबरसही स्थित सर्विस सेंटर के क्यूआर कोड स्कैन करके किया गया था।
- कटरा में मोबाइल चोरी के बाद 1.94 लाख की ठगी: कटरा थाना क्षेत्र के कोपी गांव के शशिभूषण सिंह का मोबाइल 27 जुलाई की शाम अहियापुर के जीरोमाइल चौक स्थित एक मॉल के पास चोरी हो गया। इसके बाद, चोरों ने यूपीआई के माध्यम से उनके बैंक खाते से 1 लाख 94 हजार रुपये निकाल लिए। शशिभूषण सिंह ने 31 जुलाई को साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
इन घटनाओं से स्पष्ट है कि मुजफ्फरपुर में साइबर अपराध एक गंभीर चुनौती बन गया है, और नागरिकों को ऑनलाइन लेनदेन और व्यक्तिगत जानकारी साझा करने में अत्यधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
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