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मुजफ्फरपुर में फ्रेंचाइजी के नाम पर 2.46 लाख की ठगी, पटना से शातिर गिरफ्तार

मुजफ्फरपुर में फ्रेंचाइजी देने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। साइबर पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पटना के दीघा इलाके से एक शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान रंजन कुमार के रूप में हुई है, जिस पर तुर्की थाना क्षेत्र के दुबियाही गांव निवासी अविनाश कुमार से 2.46 लाख रुपये ठगने का आरोप है।

पुलिस के अनुसार, अविनाश कुमार ने अपनी शिकायत में बताया था कि उसे ‘शैडो फैक्स’ नामक कंपनी की फ्रेंचाइजी देने का झांसा दिया गया था। इस धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए आरोपी ने अलग-अलग चार मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया। अविनाश को विश्वास में लेकर उससे ऑनलाइन माध्यम से विभिन्न बैंक खातों में कुल 2.46 लाख रुपये जमा करवा लिए गए। जब अविनाश को ठगी का एहसास हुआ, तो उसने तत्काल साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई।

साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद गहन छानबीन शुरू की। जांच के दौरान बैंक खातों के लेन-देन और मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स का विश्लेषण किया गया। इन तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपी रंजन कुमार तक पहुंचने में सफल रही। सटीक जानकारी मिलने के बाद, साइबर पुलिस की एक टीम ने पटना के दीघा इलाके में छापेमारी कर रंजन कुमार को गिरफ्तार कर लिया।

यह घटना एक बार फिर ऑनलाइन धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों की ओर इशारा करती है, जहां अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति या कंपनी द्वारा दिए जाने वाले आकर्षक प्रस्तावों के प्रति सतर्क रहें और किसी भी तरह के ऑनलाइन लेन-देन से पहले उसकी पूरी तरह से जांच-पड़ताल कर लें। साइबर अपराधों से बचने के लिए जागरूकता और सावधानी ही सबसे बड़ा हथियार है। गिरफ्तार आरोपी से आगे की पूछताछ जारी है, जिससे इस गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके modus operandi का खुलासा होने की उम्मीद है।


अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।

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