मुजफ्फरपुर में ‘बिहार स्पोर्ट्स डायलॉग सीजन-2’: खेल से बच्चों को नशे और मोबाइल की लत से बचाने पर जोर
मुजफ्फरपुर में आयोजित ‘बिहार स्पोर्ट्स डायलॉग सीजन-2’ में बच्चों को मोबाइल की लत और गलत आदतों से दूर रखने के लिए खेल के महत्व पर गहन चर्चा की गई। इस आयोजन में आठ जिलों से सैकड़ों खेल शिक्षक, प्रशिक्षक और खेल से जुड़े गणमान्य व्यक्ति एक मंच पर जुटे, जिसका मुख्य उद्देश्य बच्चों के सर्वांगीण विकास और बिहार में खेल संस्कृति को मजबूत करना था।
स्वामी विवेकानंद क्रीड़ा एवं योग संस्थान द्वारा एलएन मिश्रा कॉलेज ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट के सभागार में आयोजित इस संवाद में कई महत्वपूर्ण हस्तियां मौजूद रहीं। इनमें एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा, अंतरराष्ट्रीय खेल मनोविश्लेषक कर्नल अरविंद झा, बिहार खेल प्राधिकरण के उपनिदेशक हिमांशु सिंह, आईआईटी पटना के खेल निदेशक डॉ. करुणेश कुमार, अंतरराष्ट्रीय एथलीट एवं ओलंपियन आनंद मेंजिस, सेवानिवृत्त वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पंकज रैग और कुलसचिव केएस शेखर शामिल थे। संस्थान के अध्यक्ष डॉ. संजय सिन्हा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की, जबकि खेल शिक्षक राजीव कुमार ने संचालन किया और जिला एथलेटिक्स संघ के सचिव मृत्युंजय कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर मुजफ्फरपुर स्पोर्ट्स फेस्टिवल सीजन-4 की ट्रॉफी का अनावरण भी किया गया, और अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
खेल शिक्षकों की भूमिका और प्रतिभा पहचान
एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि खेल बच्चों को गलत आदतों से दूर रखने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच खेल शिक्षकों की जिम्मेदारी को और भी महत्वपूर्ण बताया। आईआईटी पटना के खेल निदेशक डॉ. करुणेश कुमार ने शारीरिक शिक्षकों को बच्चों में अनुशासन और प्रतिभा के विकास की पहली और महत्वपूर्ण कड़ी बताया। अंतरराष्ट्रीय एथलीट एवं ओलंपियन आनंद मेंजिस ने कम उम्र से ही बच्चों को एथलेटिक्स से जोड़ने और ‘किड्स एथलेटिक्स’ को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। सेवानिवृत्त वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पंकज रैग ने असफलता से सीखकर नए संकल्प के साथ आगे बढ़ने को ही सफलता का मार्ग बताया। नवोदय विद्यालय के खेल समन्वयक संजय कुमार ने भी अपने विचार साझा किए।
मानसिक मजबूती और खेल विकास योजनाएं
अंतरराष्ट्रीय खेल मनोविश्लेषक कर्नल अरविंद झा ने खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को मानसिक मजबूती, आत्मविश्वास और लक्ष्य के प्रति समर्पण के महत्वपूर्ण गुर सिखाए। फिटपास के संस्थापक अक्षय वर्मा ने नियमित व्यायाम, फिटनेस और संतुलित खानपान के महत्व पर प्रकाश डाला। बिहार खेल प्राधिकरण के उपनिदेशक हिमांशु सिंह ने केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न खेल विकास योजनाओं की जानकारी दी और उनके जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता पर बल दिया। इस संवाद ने बिहार में खेल के प्रति जागरूकता बढ़ाने और बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
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