मुजफ्फरपुर में सुखाड़ का संकट: कांटी विधायक ने कृषि मंत्री से लगाई गुहार, कम पानी वाली धान किस्मों की मांग
मुजफ्फरपुर के किसानों की चिंताएं बढ़ीं
मुजफ्फरपुर में मानसून की बेरुखी और बारिश की कमी ने किसानों की कमर तोड़ दी है। जिले में सुखाड़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं, जिससे खेती का पूरा चक्र प्रभावित हो रहा है। इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए कांटी के विधायक और पूर्व मंत्री अजीत कुमार ने पटना में कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा से मुलाकात कर जिले की बदहाल कृषि व्यवस्था पर चर्चा की।
सिंचाई के संसाधनों का अभाव
विधायक ने कृषि मंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में स्पष्ट किया कि जिले में वर्षा की भारी कमी के कारण धान का बिचड़ा तैयार करने में भी किसानों को पसीने छूट रहे हैं। स्थिति इतनी विकट है कि सिंचाई के लिए स्थापित सरकारी नलकूप और अन्य स्रोत या तो खराब पड़े हैं या फिर जलस्तर इतना नीचे चला गया है कि उनसे पानी निकालना नामुमकिन हो गया है। किसान इस समय दोहरी मार झेल रहे हैं—एक तरफ बारिश नहीं है और दूसरी तरफ सिंचाई के वैकल्पिक साधन काम नहीं कर रहे हैं।
विशेष धान बीजों की मांग
इस संकट से निपटने के लिए विधायक ने सरकार से विशेष पहल की मांग की है। उन्होंने सुझाव दिया कि मुजफ्फरपुर की मिट्टी और वर्तमान जल संकट को देखते हुए ऐसे धान के बीजों को अनुदानित दर पर उपलब्ध कराया जाए, जो कम समय में तैयार होते हैं और जिन्हें पानी की कम आवश्यकता होती है। विधायक ने कृषि विभाग को कुछ विशिष्ट किस्मों के नाम भी सुझाए हैं, जिनमें निम्नलिखित शामिल हैं:
- एराइज 6444 गोल्ड
- पायनियर 27 पी 31
- एराइज तेज गोल्ड
- शक्तिमान-5
- डीकेसी 9080 बी
प्रशासनिक आश्वासन
कृषि मंत्री ने विधायक की मांगों को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि विभाग से इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट मंगवाई जाएगी ताकि जल्द से जल्द किसानों तक बीज की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। अब देखना यह है कि प्रशासन कितनी जल्दी इन बीजों को मुजफ्फरपुर के किसानों तक पहुंचा पाता है, ताकि वे धान की बुवाई का कार्य समय पर पूरा कर सकें।
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